हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों और समुद्री हमलों से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव, कई एयरलाइंस ने सऊदी अरब की उड़ानें रद्द कीं

रियाद: खाड़ी क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलों और ड्रोनों से जोरदार हमले किए हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तट के पास वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इस तनाव के कारण एमिरेट्स, एतिहाद, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने 24 अक्टूबर तक रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पुष्टि की है कि रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर कई ड्रोनों को रोका गया। इसके अलावा खमीस मुशैत की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी नाकाम किया गया। नजरान में एक AH-6i टोही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सऊदी नेशनल गार्ड के दो अधिकारी मारे गए। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने इसे तकनीकी खराबी बताया है, लेकिन हूती लड़ाकों ने इस अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराने का दावा किया है।
दूसरी ओर, सादा में सऊदी हमले में नौ नागरिकों की मौत की खबर है। समुद्री सुरक्षा की स्थिति भी खराब हुई है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, यूएई के खोर फक्कन के उत्तर-पूर्व में एक टग बोट पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया। यमन तट के पास एक एलएनजी टैंकर पर भी बंदूकधारियों ने फायरिंग की है।
ईरान ने आरोप लगाया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान सागर में कुछ टैंकर नेवल माइंस की चपेट में आने से उनमें आग लग गई। ईरान का कहना है कि यह नियामक उल्लंघन के कारण हुआ। इन घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है। यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे आठ महीने के संघर्ष के बीच हुआ है।
बहरीन के मनामा में जीसीसी मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक हुई, जिसमें हूती हमलों को नागरिक बुनियादी ढांचे और दो पवित्र मस्जिदों के पास के क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी कृत्य करार दिया गया। परिषद ने संयुक्त रक्षा समझौतों का हवाला देते हुए हूती आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की और इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।
सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने अबू धाबी में यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद और उपाध्यक्ष शेख मंसूर के साथ आपातकालीन बातचीत की। मिस्र के राष्ट्रपति सिसी ने भी संभावित सैन्य सहायता का भरोसा दिया है। इस संकट के कारण भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बड़ी संख्या में प्रवासी फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है।
सऊदी अरब के अधिकारियों ने हवाई रक्षा अभियानों की वीडियो बनाने से मना किया है, जबकि यूएई के निवासियों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रतिबंधों में ढील मिलने की शर्त पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के लिए फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को तेजी से समाप्त करने का सुझाव दिया है।