खाड़ी देशों में समुद्री जहाजों और रियाद पर ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव, कई एयरलाइंस ने सऊदी अरब की उड़ानें की रद्द

दुबई/रियाद: खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहरा गया है। रविवार को यूएई के खोर फक्कन के पास एक टगबोट पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा और एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया। ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, इसी दौरान यमन के मुकल्ला तट पर एक एलएनजी टैंकर को स्किफ पर सवार हथियारबंद लोगों ने निशाना बनाया।
समुद्री हमलों की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। UKMTO ने बताया कि 8 से 14 अक्टूबर के बीच 14 जहाजों पर हमले हुए, जो फरवरी के अंत में ईरान से जुड़े संघर्ष की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा हैं। मार्च से अब तक समुद्री घटनाओं की कुल संख्या 149 से ज्यादा हो गई है। इसका असर होर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रैफिक पर पड़ा है, जहां पिछले हफ्ते 60 जहाजों के मुकाबले अब यह संख्या गिरकर 42 रह गई है। बताया गया है कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण कम से कम 138 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है।
जमीनी मोर्चे पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर कई यूएवी (ड्रोन) को रोका। रविवार को खामिस मुशायत की ओर बढ़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी नाकाम किया गया। रियाद के निवासियों को हवाई खतरों के बारे में मोबाइल अलर्ट भेजे गए।
नजरान में नेशनल गार्ड का एक AH-6i टोही हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। हालांकि, हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया है कि उनके बलों ने उसी स्थान पर एक सऊदी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए पिछले हमलों में कम से कम 17 लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए, जिसके कारण उड़ानें निलंबित हैं। एमिरेट्स, एतिहाद, एयर अरेबिया, फ्लाईदुबई, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने रियाद, जेद्दा और दम्माम के लिए अपनी रद्दीकरण अवधि को अक्टूबर के अंत तक बढ़ा दिया है। अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने यमन सीमा और सऊदी हवाई अड्डों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की है।
राजनयिक स्तर पर मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी ने सऊदी अरब को समर्थन दिया है, जबकि यूएई सलाहकार अनवर गरगाश ने खाड़ी की एकता पर जोर दिया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कतर के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सात दिवसीय योजना का प्रस्ताव रखा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि यह युद्ध जल्द खत्म होगा, वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के अभियान गैस की कीमतों को स्थिर करने पर केंद्रित हैं। आर्थिक प्रभाव भी दिख रहे हैं, जहां कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब हैं।
हूतियों ने रेड क्रॉस के माध्यम से 159 कैदियों को रिहा किया है, लेकिन गठबंधन के हमले यमन में हूती लॉन्चरों को निशाना बनाना जारी रखे हुए हैं। इस अस्थिरता और प्रवासी श्रमिकों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के विदेश मंत्री मनामा में बैठक करने वाले हैं।