सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच खाड़ी सुरक्षा पर UAE का साझा आह्वान

अबू धाबी: खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर यूएई में एक अहम आवाज़ उठी है। राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गश ने 12 अक्टूबर 2026 को सभी खाड़ी देशों से मिलकर कदम उठाने की अपील की। उनका कहना था कि सऊदी अरब पर हो रहे हूती हमले पूरे क्षेत्र की साझा सुरक्षा को कमजोर कर रहे हैं और इसका असर यूएई समेत हर पड़ोसी देश पर पड़ेगा।
गर्गश के मुताबिक खाड़ी की सुरक्षा को टुकड़ों में नहीं बांटा जा सकता। उन्होंने कहा कि पहले की अनदेखी का नतीजा यह हुआ है कि बाहरी ताकतों को दखल देने का हौसला मिला है। उनके शब्दों में, इस समय सभी खाड़ी देश निशाने पर हैं।
हमलों का सिलसिला रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शुरू होता है। 10 अक्टूबर को हुए एक बड़े हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोग घायल हुए। अगले दिन, 11 अक्टूबर को, टर्मिनल 4 पर एक प्रक्षेप्य गिरा, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की जान गई और 11 लोग घायल हुए। उसी दिन सऊदी गठबंधन ने खमीस मुशैत की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की जानकारी दी। सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमला हुआ।
इन घटनाओं का असर उड़ानों पर साफ दिख रहा है। 12 अक्टूबर तक सऊदी अरब में निर्धारित रवानगी की एक-तिहाई से ज्यादा उड़ानें रद्द या रोकी जा चुकी थीं। हूती विद्रोहियों ने यात्रियों और विमानन कंपनियों से सऊदी हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी है।
समुद्री रास्तों पर भी खतरा
खतरा सिर्फ हवाई मार्ग तक सीमित नहीं है। 11 अक्टूबर को ओमान के सोहर एंकरेज के पास एक टैंकर पर ड्रोन से हमला हुआ। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौसैनिक सुरंगों से जहाजों के नुकसान की रिपोर्टें भी सामने आई हैं, जिससे समुद्री सुरक्षा पर सवाल गहरे हो गए हैं।
इस बीच यूएई के विदेश मंत्रालय ने नागरिक ठिकानों पर हूती कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। मिस्र, तुर्की, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया ने भी हमलों की आलोचना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हवाई अड्डे पर हमले की निंदा की और