खाड़ी में गहराया सुरक्षा संकट, होर्मुज और मदीना पर हमले

Nura Basta2 October 20262 min read0 viewsSaudi
खाड़ी में गहराया सुरक्षा संकट, होर्मुज और मदीना पर हमले

मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हुए हमले और मदीना के पावर स्टेशन को निशाना बनाए जाने के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा संकट काफी गहरा गया है। इस स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी प्रभावित किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमला

हालिया घटनाओं के तहत, ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में अवांछित मार्ग पर चल रहे एक बड़े तेल टैंकर को एक प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस संबंध में चेतावनी जारी की थी। इस बीच, तेहरान के अधिकारियों का कहना है कि तटीय देश के रूप में ईरान की भागीदारी के बिना सुरक्षित मार्ग की गारंटी नहीं दी जा सकती है।

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मदीना पावर स्टेशन और बुनियादी ढांचे पर प्रहार

समुद्र के अलावा जमीन पर भी हमलों का सिलसिला जारी है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने खमीस मुशायट और जाजान की तरफ दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, मलबे गिरने से कुछ इमारतों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, एक ड्रोन हमले ने मदीना के पास स्थित तैबा पावर-डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन को प्रभावित किया, जिससे ऐतिहासिक मस्जिद क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी बाधित हुई, हालांकि पूरी ग्रिड फेल नहीं हुई।

वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव

सुरक्षा के इन गंभीर हालातों का असर आम जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है:

  • विमान सेवाएं प्रभावित: सुरक्षा चिंताओं के चलते flydubai, Oman Air, Jazeera और अन्य एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं।
  • तेल बाजार में हलचल: इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 102 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं।
  • सैन्य गतिविधियां तेज: अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी नौसैनिक ताकत को बढ़ाते हुए हजारों नाविकों और मरीन सैनिकों की तैनाती की है, साथ ही रक्षा समझौतों को भी गति दी गई है।

यमन के मोर्चे पर भी संघर्ष जारी है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं।

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