Gulf में बढ़ा तनाव, ओमान वार्ता से पहले जहाज पर हमला और पाइपलाइन पर ड्रोन स्ट्राइक से मची हलचल.

फारसी खाड़ी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई जब एक कमर्शियल वेसल पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में क्सम द्वीप के पास हुए इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन से चार लोग घायल बताए गए। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी इसी जलमार्ग में एक पोत में आग लगने और आपातकालीन निकासी की पुष्टि की है। यह घटना मस्कट में होने वाली एक महत्वपूर्ण सोमवार की बैठक से ठीक पहले सामने आई है, जहां ईरान और खाड़ी अरब देशों को क्षेत्रीय शिपिंग सुरक्षा पर चर्चा करनी थी। इस बीच, बहरीन ने इन वार्ताओं से आधिकारिक रूप से हटने का फैसला किया है और उसकी विदेश मिनिस्ट्री ने दो टूक कहा है कि जब तक तेहरान के साथ 2016 में टूटे कूटनीतिक संबंध बहाल नहीं होते, तब तक वे कोई बातचीत नहीं करेंगे। बहरीन के अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में अमोनिया टैंक पर हुए एक खतरनाक हमले का भी हवाला दिया है।
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमला
दूसरी तरफ, सऊदी अरब वर्तमान में अपनी मुख्य East-West Pipeline पर हुए ड्रोन हमले के बाद की स्थिति को संभालने में जुटा है। रियाद और बगداد के साझा बयानों के अनुसार, यह ड्रोन हमला इराक की दिशा से आया था। इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर पाइपलाइन को बंद करना पड़ा, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटों के बाद सऊदी कच्चे तेल के निर्यात के लिए एक बहुत बड़ा विकल्प था। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इस व्यवधान के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं। यदि यह पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति में 4 percent तक का भारी नुकसान हो सकता है, जिससे आम जनता पर भी महंगाई की मार पड़ने की पूरी आशंका है।
यमन और बाब एल-मंडेब जलडमरूमध्य में बिगड़ते हालात
क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में, ईरान समर्थित हूती बलों ने मोखा बंदरगाह और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है और अब वे बाब एल-मंडेब जलडमरूमध्य पर पूरी तरह नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के शरूराह बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने की बात कही है, जिसमें उनके अनुसार कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। सऊदी सिविल डिफेंस ने पुष्टि की है कि जाज़ान के अल-तुवाल इलाके में एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे दो लोग घायल हुए और एक मस्जिद, कुछ घरों तथा वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि यमनी सरकारी बलों ने मोखा में जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की है, लेकिन ईरानी मीडिया इसे हूतियों की बड़ी जीत बता रहा है।
राहत और कूटनीतिक कोशिशें जारी
इतनी हिंसा और तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी लगातार जारी हैं। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस Khaled bin Mohamed Al Nahyan ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए जिसमें संयम बरतने और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने की अपील की गई। वहीं दूसरी ओर, कतर ने अरब देशों पर हुए ईरानी हमलों और सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हूती हमलों की कड़ी निंदा की है और रियाद के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। इन तमाम मुलाकातों के बावजूद, रॉयटर्स से बात करते हुए एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने साफ संकेत दिया है कि ओमान में होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन में होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी औपचारिक समझौते की संभावना बहुत कम है। इस बीच, ईरान के क्सम द्वीप पर भी कुछ विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसके पीछे असल में किसका हाथ था।