गयाना भारत की 20 फीसदी कच्चे तेल की जरूरत पूरी करने को तैयार, हाई कमिश्नर का ऐलान
गयाना के हाई कमिश्नर धर्मकुमार सीराज ने भारत को कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति और रिफाइनरी साझेदारी का प्रस्ताव दिया है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितताओं के बीच दक्षिण अमेरिकी देश गयाना भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनने को तैयार है। गयाना के हाई कमिश्नर धर्मकुमार सीराज ने शुक्रवार को बताया कि उनका देश भारत की दैनिक कच्चे तेल की जरूरतों का 20 प्रतिशत तक हिस्सा मुहैया करा सकता है।
हाई कमिश्नर सीराज ने गयाना के विशाल तेल भंडार और भारत की रिफाइनिंग क्षमता का जिक्र करते हुए एक दीर्घकालिक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि गयाना के पास दुनिया का सबसे बेहतरीन कच्चा तेल है और वर्तमान में वहां लगभग 12 बिलियन बैरल का प्रमाणित भंडार मौजूद है।
सीराज के मुताबिक, भारत की खपत करीब पांच मिलियन बैरल प्रतिदिन है और भविष्य में गयाना इसकी 20 प्रतिशत आपूर्ति कर सकता है। उन्होंने बताया कि भारत के पास रिफाइनरी और खपत की ताकत है, जिससे दोनों देश रणनीतिक साझेदार बन सकते हैं।
डाउनस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर के अवसरों पर बात करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि संयुक्त रिफाइनिंग और बंकरिंग सुविधाएं स्थापित करने के लिए चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत की सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों के साथ बातचीत हो रही है ताकि रिफाइनरियां लगाई जा सकें, जहां कच्चे तेल को प्रोसेस कर तैयार उत्पाद बेचे जा सकें।
हाई कमिश्नर ने बताया कि गयाना के राष्ट्रपति ने देश को समुद्री और इकोसिस्टम के लिए रिफ्यूलिंग हब बनाने की बात कही है। इसके लिए अटलांटिक महासागर के डीप-वॉटर चैनल में सुविधा बनाने का विचार है, जिसमें भारत अपने अनुभव और बड़े पैमाने के कौशल का उपयोग कर सकता है।
द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करते हुए सीराज ने कहा कि 2024 में प्रधानमंत्री की गयाना यात्रा ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि यह गयाना और भारत का समय है। उन्होंने बताया कि बाहरी मामलों के मंत्री एस जयशंकर और गयाना के मंत्री के बीच हुई बातचीत ने भी लोगों को निवेश करने का संदेश दिया है।
इससे पहले, बाहरी मामलों के मंत्री एस जयशंकर ने CHOGM 2026 के इतर एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन से मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, निवेश, अक्षय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं प्रधानमंत्री ब्राउन तक पहुंचाईं और CHOGM 2026 की सफल मेजबानी के लिए उन्हें बधाई दी।
जयशंकर ने कहा कि ये पहल नवंबर 2024 में CARICOM-भारत शिखर सम्मेलन के लिए गयाना यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं को पूरा करती हैं। भारत इस समय कैरिबियन क्षेत्र में अपने आर्थिक और विकास साझेदारियों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।