गाजा में इसराइली हवाई हमलों के बाद हमास ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों से किया संपर्क

गाजा पट्टी में जारी हिंसा और इसराइली सैन्य कार्रवाई के बीच हमास अधिकारियों ने 19 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों से संपर्क साधने की बात कही है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सकीय दलों के अनुसार, शनिवार को हुए भीषण हमलों में कम से कम तीन फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई, जिसके बाद यह नया कूटनीतिक कदम उठाया गया है। इस हालिया घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है और आम लोगों की मुश्किलें लगातार गहरी होती जा रही हैं।
गाजा में हमलों के दौरान हुए हताहतों की जानकारी
हालिया इसराइली सैन्य अभियानों में मारे गए लोगों में बसीर अल-बर्श भी शामिल हैं, जो गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के डायरेक्टर-जनरल मुनीर अल-बर्श के बेटे थे। उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर के पास एक सैन्य अभियान के दौरान उनकी मौत हो गई। इसराइली सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने इस इलाके में कई उग्रवादियों को निशाना बनाया था और विशेष रूप से बसीर अल-बर्श का नाम लिया। इसके अलावा, गाजा शहर के पूर्व में स्थित शेजैया में एक व्यक्ति की जान चली गई और शेख रादवान जिले में भी एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई, जहां इसराइली सेना ने एक हमास ऑपरेटिव को निशाना बनाने का दावा किया था। वहीं, मध्य गाजा के नुसीरात शरणार्थी शिविर के उत्तर में पहले हुई इसराइली गोलीबारी में घायल हुई एक फिलिस्तीनी बच्ची ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अस्पतालों के आंकड़े और संघर्ष का कुल प्रभाव
बीते 48 घंटों के दौरान गाजा के विभिन्न अस्पतालों में चार शवों और 17 घायलों को लाए जाने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जब से अमेरिका की मध्यस्थता में 10 या 11 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम लागू हुआ था, तब से अब तक कम से कम 1,390 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 4,801 लोग घायल हुए हैं। वहीं, 7 अक्टूबर 2023 को जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक पूरे क्षेत्र में कुल मरने वालों का आंकड़ा 73,910 तक पहुंच चुका है और कुल 174,914 लोग घायल हो चुके हैं। इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि आम जनता को इस संघर्ष में कितनी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
मध्यस्थों के साथ कूटनीतिक प्रयास और चुनौतियां
हमास लगातार अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के संपर्क में रहता है, जिसमें गाजा के बोर्ड ऑफ पीस के दूत निकोलय म्लादेनोव जैसे प्रतिनिधि शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य इसराइल पर सैन्य अभियानों को रोकने और युद्धविराम समझौतों का पूरी तरह से पालन करने के लिए दबाव बनाना है। नवंबर 2025 के बाद से ये कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं, जिसमें मिस्र, कतर, तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश शामिल रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2025 के युद्धविराम समझौते में पुनर्निर्माण और निःशस्त्रीकरण की शर्तें तय की गई थीं, लेकिन आपसी असहमतियों और इसराइल द्वारा हमास के चुनिंदा लोगों को लगातार निशाना बनाए जाने की नीति के कारण शांति प्रक्रिया में कोई खास प्रगति नहीं हो पा रही है।