अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के ड्रोन हमलों के बाद हामिद करजई का बड़ा बयान, कहा पड़ोसी देश अपनी नीति सुधारे

काबुल में पिछले कुछ दिनों से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार से सैन्य कार्रवाई और हमलों का दौर लगातार जारी है। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति Hamid Karzai ने हाल ही में पाकिस्तान की तरफ से किए गए हवाई और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है और इस्लामाबाद पर अपने पड़ोसी देश के प्रति नकारात्मक नीति अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी वाले संबंध चुनने की जरूरत है ताकि दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता कायम हो सके।
पाकिस्तान ने किए थे 10 जगहों पर सटीक हमले
यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान की ओर से यह बयान सामने आया कि उसने अफगानिस्तान के भीतर 10 अलग-अलग जगहों पर सटीक हवाई और ड्रोन हमले किए हैं। पाकिस्तानी सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई देश के आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई है। उनका कहना था कि ये हमले उन ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए जिनका इस्तेमाल अफगानिस्तान के रास्ते से पाकिस्तान पर ड्रोन भेजने और उन्हें स्टोर करने के लिए किया जा रहा था। पाकिस्तानी पक्ष का यह भी दावा था कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने बुधवार को सीमा पार से आए ड्रोनों को समय रहते पहचान लिया था और उन्हें उनके निशाने तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया था।
अफगान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया और नागरिकों को नुकसान
दूसरी ओर अफगान सरकार ने इन हमलों पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला करार दिया है। अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने सोमवार को कहा कि उनकी सेना इस आक्रमण का उचित और कड़ा जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर नागरिकों के इलाकों को निशाना बनाया है जिससे आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कुनार प्रांत में हुए हमलों में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा पक्तिका प्रांत में भी बमबारी के कारण एक घर और स्थानीय दुकान को काफी नुकसान पहुंचा है।
सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही इन घटनाओं की वजह से दोनों देशों के बीच का तनाव और अधिक गहराता जा रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक विमानों और ड्रोनों की गड़गड़ाहट से सीमा के दोनों तरफ रहने वाले आम लोग काफी डरे हुए हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। दोनों देशों की सरकारों की तरफ से लगातार एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं जिससे आने वाले दिनों में हालात के सुधरने की उम्मीद फिलहाल कम ही नजर आ रही है।