हरिस रऊफ ने पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई, श्रीलंका सीरीज पर नजर

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज Haris Rauf ने अपने देश के लिए लाल गेंद के क्रिकेट यानी टेस्ट प्रारूप में खेलने की अपनी इच्छा खुलकर जाहिर की है। आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज जो कि श्रीलंका के खिलाफ खेली जानी है, उससे पहले इस तेज गेंदबाज का यह बयान सामने आया है। क्रिकेट जगत में मुख्य रूप से सीमित ओवरों के गेंदबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले रऊफ अब सबसे लंबे फॉर्मेट में भी अपनी अमिट छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। श्रीलंका की टीम इस साल November के महीने में पाकिस्तान के दौरे पर आने वाली है, और मेहमान टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में निचले पायदान पर मौजूद है।
घरेलू क्रिकेट और इकलौते टेस्ट का सफर
अगर आंकड़ों की बात की जाए तो Haris Rauf ने अपने क्रिकेट करियर में अब तक केवल 14 first-class games खेले हैं। इन मैचों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने कुल 47 wickets अपने नाम किए हैं, जिनका औसत 27.04 का रहा है। उनके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी दर्ज है, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/47 का रहा है। पाकिस्तान के लिए उनका एकमात्र टेस्ट मैच साल 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया था, जिसमें वह केवल एक ही विकेट हासिल कर सके थे। आईसीसी को दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि जब भी आप मैदान पर उतरते हैं तो कोई न कोई उद्देश्य हमेशा आपको प्रेरित करता रहता है।
श्रीलंका सीरीज के जरिए वापसी की उम्मीद
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए इस पाकिस्तानी तेज गेंदबाज ने कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज के लिए अपना नाम आगे भेजने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान टीम को भी इस समय एक तेज गेंदबाज की जरूरत साफ तौर पर महसूस हो रही है, इसलिए आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता क्या फैसला लेते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पिछली टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को 3-0 से करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस सीरीज के दौरान अंतिम टेस्ट मैच में स्लो ओवर-रेट की वजह से टीम के 11 अंक काट लिए गए थे, जिसके चलते वे अंक तालिका में नौवें स्थान पर खिसक गए और उनका पॉइंट प्रतिशत गिरकर मात्र 4.63 रह गया था।
गेंदबाजी विभाग की कमजोरी और सुधार की कोशिश
इंग्लैंड के खिलाफ उस पूरी सीरीज के दौरान पाकिस्तान की गेंदबाजी आक्रमण की कमजोरियां खुलकर सामने आई थीं। मेहमान टीम के लिए मोहम्मद अब्बास ही एकमात्र ऐसे गेंदबाज थे जिन्होंने अकेले दम पर संघर्ष किया और 25.38 की औसत से कुल 13 wickets झटके। इसके मुकाबले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने सबसे ज्यादा 21 scalps चटकाए जिनका शानदार औसत 8.76 का रहा, जबकि जोश टंग ने 16.31 की औसत से 19 wickets अपने नाम किए। जोफ्रा आर्चर ने भी अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभाव छोड़ा और 12 wickets हासिल किए। इन आंकड़ों को देखकर साफ पता चलता है कि पाकिस्तान को अपने गेंदबाजी विभाग में सुधार करने की कितनी जरूरत है।
सफेद गेंद से लाल गेंद के सफर तक
Haris Rauf पूरी तरह से इस बात को समझते हैं और वह आने वाले दौरों में इस अंतर को पाटने की पूरी उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों को मिलाकर अब तक 143 appearances से अधिक मुकाबले खेले हैं और इन सफेद गेंद के फॉर्मेट्स में कुल 234 wickets अपने नाम किए हैं। अब वह लंबे प्रारूप में खेलकर खुद को और अधिक बेहतर बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि जब भी उन्हें समय मिलता है, वह लाल गेंद के क्रिकेट पर काम करते हैं। वर्तमान में श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज से पहले उन्हें खुद पर काम करने का जो समय मिला है, वह उसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं और इसे अपनी सबसे बेहतरीन तैयारी मान रहे हैं।