UAE से भारत लाया गया भगोड़ा हरविंदर कुमार, NIA ने किया गिरफ्तार

भारत सरकार ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से वांछित अपराधी हरविंदर कुमार को डिपोर्ट करा लिया है। पंजाब के नांगल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में आरोपी हरविंदर को भारत लाने में सफलता मिली है। गृह मंत्रालय के अनुसार, जैसे ही उसे UAE से लाया गया, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
आतंकवादी संगठन के लिए काम कर रहा था आरोपी
जांच में यह बात सामने आई है कि हरविंदर कुमार, जिसे सोनू बरनाला के नाम से भी जाना जाता है, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के लिए काम कर रहा था। NIA की जांच के मुताबिक, विकास प्रभाकर की हत्या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के उद्देश्य से की गई थी। इस पूरी साजिश के पीछे पाकिस्तान स्थित बब्बर खालसा के प्रमुख वधवा सिंह का हाथ होने का संदेह है।
लॉजिस्टिक्स और फंडिंग का मास्टरमाइंड
हरविंदर कुमार की भूमिका इस हत्याकांड में बेहद महत्वपूर्ण थी। NIA के अनुसार, वह UAE में रहकर इस पूरे ऑपरेशन को आर्थिक और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा था। उसके मुख्य कार्यों में शामिल थे:
- आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंड जुटाना और ट्रांसफर करना।
- हथियारों की व्यवस्था करना और उन्हें शूटरों तक पहुँचाने में मदद करना।
- विदेशी धरती पर बैठे आतंकियों के लिए रिक्रूटमेंट और हैंडलिंग का काम करना।
'प्रहार' पहल से मिली बड़ी सफलता
गृह मंत्रालय ने इस मामले में 'प्रहार' (PRAHAAR) पहल का जिक्र किया है, जिसके तहत भारत में आतंकवादियों के प्रत्यर्पण (deportation) की प्रक्रिया को तेज किया गया है। हरविंदर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया गया था और भारतीय एजेंसियों के निरंतर प्रयासों के बाद UAE अधिकारियों ने उसे भारत के हवाले कर दिया।
यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। इससे पहले अगस्त में मनवीर राम नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था, जो हथियारों की सप्लाई में शामिल था। NIA ने इस मामले में अब तक तीन चार्जशीट दाखिल की हैं और जांच जारी है ताकि इस साजिश में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब किया जा सके।