हिजबुल्लाह का यमन पर जवाब: हमारे विशेषज्ञ वहां नहीं, आरोप बेबुनियाद
हिजबुल्लाह ने यमन के आंतरिक मंत्री द्वारा लगाए गए सैन्य विशेषज्ञों की मौजूदगी के दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।

बेरुत: हिजबुल्लाह ने यमन में अपने सैन्य विशेषज्ञों की मौजूदगी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन ने एक औपचारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह निराधार और सबूतों से रहित बताया है।
हिजबुल्लाह के मीडिया रिलेशंस ऑफिस ने 4 नवंबर, 2026 को जारी बयान में कहा कि यमन के लोग अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और नाकाबंदी का सामना करने के लिए पर्याप्त क्षमता, संसाधन और विशेषज्ञता रखते हैं। संगठन ने जोर देकर कहा कि उन्हें इसके लिए किसी विदेशी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
इस बयान के जरिए हिजबुल्लाह ने यमन के लोगों से आंतरिक विवादों को सुलझाने और देश की एकता बनाए रखने के लिए गंभीर और जिम्मेदार संवाद करने की अपील भी की है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 3 नवंबर, 2026 को यमन के आंतरिक मंत्री इब्राहिम अली हैदान ने आरोप लगाया कि देश में 21 विदेशी विशेषज्ञ सक्रिय हैं। आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, ये विशेषज्ञ हूती (अंसार अल्लाह) की मदद कर रहे हैं।
मंत्रालय ने दावा किया था कि इन विशेषज्ञों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 14 और हिजबुल्लाह के 7 सदस्य शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग सैन्य अभियानों के निर्देशन, नौसैनिक गतिविधियों के समन्वय और ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे उन्नत हथियारों के विकास में जुटे हैं।
यमन के आंतरिक मंत्रालय ने यह भी बताया कि ये विशेषज्ञ होदेइदा, सना, सादा, हज्जा, अमरान और अल-खौखा सहित छह गवर्नरतों में निगरानी, प्रशिक्षण, संचार प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध का प्रबंधन कर रहे हैं।