Hezbollah का ऐलान, इसराइल के खिलाफ जंग जारी रहेगी, लेबनान में तनाव बढ़ा

हिजबुल्लाह के महासचिव Naim Qassem ने पिछले दिनों एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कब्जा किए गए इलाकों को आजाद कराने और इसराइल का विरोध करने का एकमात्र रास्ता प्रतिरोध यानी संघर्ष ही है। यह बात उन्होंने पाकिस्तान में इमामिया स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन की 55वीं वर्षगांठ पर आयोजित 'मार्टीर ऑफ रेजिस्टेंस कॉन्फ्रेंस' को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुश्मन का विरोध करना और अपनी भूमिका व स्थिति के अनुसार संघर्ष में शामिल होना ही असली प्रतिरोध है।
लेबनान और इसराइल के बीच बढ़ा तनाव
नयी घटनाओं के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में इसराइली सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए। इन हमलों में लेबनान के दक्षिणी इलाकों में स्थित ऑब्जरवेशन पोस्ट को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई एक सड़क किनारे हुए बम धमाके के बाद की गई जिसमें दो इसराइली सैनिक घायल हो गए थे। यह धमाका तब हुआ जब एक इंजीनियरिंग वाहन इसराइल के नियंत्रण वाले बफर जोन के भीतर यात्रा कर रहा था। इस घटना से पहले 18 सितंबर को दीर मिमास गांव के पास इसराइली और लेबनानी बलों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई थी।
सुरक्षा बलों की स्थिति और क्षेत्रीय हालात
दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आदेश के तहत UNIFIL यानी संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान से अपनी निर्धारित वापसी की तैयारी कर रहा है। हालांकि लेबनामी सेना ने दीर मिमास जैसे इलाकों में अपने ठिकाने बना लिए हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष से दूर रहे हैं। इस बीच, अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइली बस्तियों के लोगों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में पानी की लाइनों को नष्ट कर दिया जिससे लगभग 700 फिलिस्तीनी प्रभावित हुए। Naim Qassem ने इस बात पर भी जोर दिया कि फिलिस्तीन का मुद्दा सबसे अहम है और उन्होंने इस्लामिक एकता को मजबूत करने की बात कही है।