लेबनान में इसराइली हमलों के बीच हिजबुल्लाह का बड़ा ऐलान, कैदियों की रिहाई को बताया धोखा।

लेबनान में हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं और संघर्ष रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच 5 सितंबर 2026 को हिजबुल्लाह ने इसराइल के लगातार जारी सैन्य अभियानों की कड़ी निंदा की है। संगठन का साफ तौर पर कहना है कि लेबनानी कैदियों की हालिया रिहाई का इस्तेमाल इसराइल अपनी लगातार जारी हिंसा, कब्ज़े और हत्याओं को छुपाने के लिए एक ढाल के रूप में कर रहा है। हिजबुल्लाह ने लेबनान सरकार से कड़े शब्दों में यह अपील की है कि वह इसराइल के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत तुरंत बंद कर दे। संगठन का मानना है कि इस तरह की बातचीत से इसराइली सरकार को बिना किसी मेहनत के बड़े फायदे मिल रहे हैं, जबकि आम जनता को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हिंसक झड़पें और जानमाल का भारी नुकसान
लेबनान में 2 मार्च 2026 से चल रहे इस भीषण संघर्ष ने अब तक तबाही मचा रखी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस पूरे तनाव में अब तक 4,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। हाल ही में 5 सितंबर 2026 को इसराइली सेना ने लेबनान के कई इलाकों जैसे मयफादौन, ज़वतार, ऐन अल-तीनेह, वादी अल सलूकी और वादी अल हुजेइर को अपने हमलों का निशाना बनाया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि दक्षिणी लेबनान और पश्चिमी बेका घाटी में हुए इन हमलों में 5 लोगों की मौत हुई और 24 लोग घायल हो गए। नबातियेह जिले में एक ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हुई और मोटरसाइकिल पर हुए एक अन्य हमले में भी दो लोगों की जान चली गई। दूसरी तरफ इसराइली सेना ने सफाई दी कि उनके ये हमले हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे और हथियारों के गोदामों को खत्म करने के लिए थे, क्योंकि इससे पहले कमांडो ब्रिगेड के सैनिकों पर एक ड्रोन हमला हुआ था। हालांकि इसराइली सेना के अनुसार इस हालिया संघर्ष में उनके किसी भी सैनिक को चोट नहीं आई है। इसके अलावा 4 सितंबर 2026 को इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने यह भी ऐलान किया था कि उनकी सेना ने अली अल ताहिर रिज के नीचे बनी सुरंगों पर पूरी तरह से अपना ऑपरेशनल कंट्रोल हासिल कर लिया है।
राजनयिक प्रयास और राजनीतिक उठापटक
एक तरफ जहां जमीन पर जंग जारी है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की मध्यस्थता से शांति स्थापित करने की कोशिशें भी चल रही हैं। जून 2026 में शांति के लिए एक फ्रेमवर्क समझौता सामने आया था जिसे हिजबुल्लाह ने सिरे से खारिज कर दिया था, जिसके चलते कूटनीतिक तनाव अपनी चरम सीमा पर बना हुआ है। हालात को सामान्य दिखाने की एक कोशिश के तहत इसराइल ने 4 सितंबर 2026 को विश्वास बढ़ाने वाले कदम के रूप में चार लेबनानी कैदियों को रिहा कर दिया। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इस कदम को कैदियों की रिहाई का पहला चरण बताया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब प्रधानमंत्री नवाफ सलाम की सरकार देश की कमान अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रही है। सरकार ने 3 सितंबर 2026 को हिजबुल्लाह की सभी तरह की सशस्त्र गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का बड़ा ऐलान किया और देश में गैर-सरकारी ताकतों से हथियार वापस लेने की मांग की। इस बीच, नईम कासिम के नेतृत्व में चल रहे हिजबुल्लाह ने लेबनान सरकार पर दबाव बनाया है कि वह सशस्त्र स्थिति और इसराइल के साथ कूटनीतिक संबंधों को लेकर अपनी नीतियों पर दोबारा विचार करे।