UNHRC में उठा सिंध के मानवाधिकारों का मुद्दा, सिंधी नेता ने पाकिस्तान पर बोला हमला.

Praggya Singh sabal25 September 20262 min read8 viewsWorld
UNHRC में उठा सिंध के मानवाधिकारों का मुद्दा, सिंधी नेता ने पाकिस्तान पर बोला हमला.

जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 63वें सत्र के दौरान सिंध के मानवाधिकारों का मामला जोर-शोर से उठाया गया। वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस के राजनीतिक कार्यकर्ता और आयोजक डॉ. हिदायत भुट्टो ने मंच से भाषण देते हुए सिंधी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग की। उन्होंने कहा कि सिंध में मानवाधिकारों का संकट लगातार गहराता जा रहा है और इसके पीछे सिंधी जनता को उनके अधिकारों से वंचित रखना मुख्य वजह है।

सिंध की पहचान और संसाधनों पर संकट

जिनेवा में बोलते हुए डॉ. हिदायत भुट्टो ने बताया कि सिंध के लोगों की अपनी अलग मातृभाषा, संस्कृति, और सामूहिक पहचान है। अंतरराष्ट्रीय संधियों जैसे नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा (ICCPR) और आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदा (ICESCR) के कॉमन आर्टिकल 1 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हर समुदाय को अपनी राजनीतिक स्थिति तय करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंध के लोगों को उनकी ही जमीन, पानी के संसाधनों और भविष्य से जुड़े फैसलों से लगातार दूर रखा जा रहा है।

बुनियादी सुविधाओं की कमी और पानी का डायवर्जन

सिंध के योगदान के बारे में बात करते हुए नेता ने कहा कि कृषि, ऊर्जा, उद्योग और खेल के क्षेत्र में बड़ा योगदान देने के बावजूद यहां के लाखों लोग गरीबी में जीने को मजबूर हैं। आम जनता को पीने के लिए साफ पानी, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और अच्छी शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा सिंधु नदी के पानी को मोड़ने, कथित रूप से जमीन पर कब्जा करने और सिंधु डेल्टा को बर्बाद करने जैसे गंभीर मुद्दों को भी उठाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सिंधी हिंदू लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन और लोगों के गायब होने की घटनाओं से वहां के लोगों की मूल स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने मानवाधिकार परिषद से अपील की कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए ताकि वहां हो रहे दमन को रोका जा सके और सिंधी जनता को उनका भविष्य तय करने का हक मिल सके। मूल खबर के लिए ANI की रिपोर्ट देखिए।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment