Himalayan Flash Floods: नेपाल और तिब्बत में बर्फीले तूफान और बाढ़ से 168 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता.

Praggya Singh sabal27 August 20263 min read43 viewsIndia
Himalayan Flash Floods: नेपाल और तिब्बत में बर्फीले तूफान और बाढ़ से 168 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता.

हिमालयी क्षेत्र में आए भीषण फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 168 लोगों की जान जा चुकी है और 1,300 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल और चीन के अधिकारियों द्वारा 27 अगस्त 2026 को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह आपदा रासुगढी बॉर्डर के पास बर्फ और पत्थरों के खिसकने यानी आइस-रॉक लैंडस्लाइड की वजह से हुई थी। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इसे एक खतरनाक मलबा युक्त बाढ़ करार दिया है, जिसने ल्हेन्डे और त्रिशुली नदियों के किनारे बसे कई गांवों और बस्तियों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने देश के भीतर 165 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि चीनी मीडिया ने तिब्बत के ग्यािरोंग काउंटी में 3 लोगों के मरने की खबर दी है।

राहत और बचाव कार्यों में आ रही भारी मुश्किलें

आपदा के बाद से ही लापता लोगों की तलाश का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन नेपाल में अभी भी 826 लोग लापता हैं, जिनमें से लगभग 600 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इन विदेशी नागरिकों में 177 भारतीय, 63 अमेरिकी, 34 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश और 25 कनाडाई नागरिक भी हैं। वहीं दूसरी ओर, तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं जिनमें 260 विदेशी लोग शामिल हैं। इस भयंकर आपदा की वजह से पूरे इलाके में सड़कें, पुल और भौते कोशी तथा त्रिशुली कॉरिडोर पर बने 13 हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और रेस्क्यू टीमों को अंदर तक पहुंचने में बहुत कठिनाई हो रही है।

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सरकार द्वारा उठाए गए आपातकालीन कदम

हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल की कैबिनेट ने रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों को संकटग्रस्त क्षेत्र यानी क्राइसिस-हिट एरिया घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने खुद नुवाकोट पहुंचकर हालात का जायजा लिया है और सरकार ने राहत कार्यों के लिए नुवाकोट और रासुवा को 10-10 मिलियन रुपये तथा धाडिंग को 5 मिलियन रुपये का आपातकालीन फंड जारी किया है। विदेश मंत्री शिशिर खनजल ने संसद को चल रहे बचाव कार्यों की पूरी जानकारी दी है, हालांकि नदियों में लगातार बढ़ते पानी के स्तर और रास्तों के बंद होने की वजह से राहत अभियानों में बाधाएं आ रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही मदद

इस संकट की घड़ी में कई देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन नेपाल और तिब्बत की मदद के लिए आगे आए हैं। भारत सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो उड़ानों के जरिए 47.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां और खाने-पीने का सामान भेजा है। इसके अलावा अमेरिका ने कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से 500,000 डॉलर देने का वादा किया है, और विश्व बैंक ने 25 बिलियन रुपये की सहायता राशि की पेशकश की है। चीन, विश्व स्वास्थ्य संगठन और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस ने भी मदद भेजी है, जिसमें आईएफआरसी ने आपातकालीन फंड के तौर पर 1 मिलियन स्विस फ्रैंक यानी लगभग 1.24 मिलियन डॉलर जारी किए हैं।

लापता लोगों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर

आपदा में फंसे लोगों और लापता हुए नागरिकों के परिवारों की मदद के लिए सरकार और दूतावासों द्वारा विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। नेपाल टूरिज्म बोर्ड से संपर्क करने के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन नंबर 1144 या टूरिस्ट पुलिस के नंबर 9851289445 पर फोन किया जा सकता है। इसके अलावा नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भी प्रवासियों और भारतीय नागरिकों के परिवारों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 जारी किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

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