Hind Rajab Foundation ने इटली में की इसराइली मंत्री Idit Silman के खिलाफ क्रिमिनल शिकायत दर्ज.

Nura Basta11 September 20263 min read18 viewsWorld
Hind Rajab Foundation ने इटली में की इसराइली मंत्री Idit Silman के खिलाफ क्रिमिनल शिकायत दर्ज.

हिन्द रजब फाउंडेशन यानी HRF ने हाल ही में इटली में इसराइल की पर्यावरण संरक्षण मंत्री Idit Silman के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। इस कानूनी कार्रवाई के पीछे मुख्य वजह मंत्री द्वारा गाजा के फिलिस्तीनियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से नरसंहार के लिए उकसाना बताया जा रहा है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मंत्री अपने पति के साथ 6 सितंबर 2026 को इटली की यात्रा पर पहुंची थीं। फाउंडेशन ने इटली के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस में आधिकारिक शिकायत सौंपकर उनके बयानों की तत्काल जांच की मांग की है, जिसमें जिनेवा कन्वेंशन और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के रोम स्टैचू के तहत यूनिवर्सल ज्यूरिडिक्शन का हवाला दिया गया है।

दो साल की लंबी जांच के बाद उठाया गया कदम

कानूनी मामलों की वकालत करने वाली संस्था HRF ने यह कदम इसराइली मंत्री के बयानों की दो साल तक चली लंबी जांच के बाद उठाया है। फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2025 में और फिर मार्च 2025 में इसराइल के रेशेत बेट रेडियो पर दिए गए बयानों में मंत्री ने सुझाव दिया था कि गाजा की एकमात्र समस्या का समाधान यही है कि वहां की आबादी को पूरी तरह से खाली कर दिया जाए। इसके अलावा, शिकायत में मार्च 2025 की उन टिप्पणियों का भी जिक्र है जिसमें उन्होंने इसराइली बंधकों के हमास के कब्जे में रहने के बावजूद गाजा में मानवीय सहायता जारी रखने को पागलपन करार दिया था।

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फिलिस्तीनी पहचान और इतिहास को नकारे जाने का आरोप

इस कानूनी दस्तावेज में उन तमाम बयानों को भी शामिल किया गया है जिनमें फिलिस्तीनी लोगों के अस्तित्व को नकारा गया है। अक्टूबर 2024 में दिए गए बयानों में कहा गया था कि फिलिस्तीनी नाम की कोई चीज नहीं है, और मई 2025 की टिप्पणियों में दावा किया गया कि वहां कोई भी फिलिस्तीनी विरासत स्थल मौजूद नहीं है। इसके अलावा, सितंबर 2025 में उन्होंने कथित तौर पर फिलिस्तीनियों को एक ऐसा नकली समुदाय बताया था जिनका न तो कोई इतिहास है, न ही कोई अतीत और न ही कोई भविष्य। शिकायत में वेस्ट बैंक पर इसराइली संप्रभुता बढ़ाने की उनकी वकालत और जनरल्स प्लान का समर्थन करने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने की बात भी दर्ज है, जिसके तहत उत्तरी गाजा को बंद सैन्य क्षेत्र बनाने और जरूरी सामानों की आपूर्ति रोकने की बात कही गई थी।

मानवाधिकार संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया

HRF की लिटिगेशन हेड Natacha Bracq ने कहा कि इस मामले ने इटली के अधिकारियों के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी संरक्षित समूह को खत्म करने की बात कहने वाले सरकारी अधिकारी को आपराधिक रूप से जवाबदेह ठहराया जा सकता है। वहीं, फाउंडेशन के डायरेक्टर जनरल Dyab Abou Jahjah ने इसराइली कैबिनेट के सदस्य की तरफ से आए ऐसे बयानों की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह शिकायत इस बात का संकेत है कि वैश्विक समुदाय आबादी को खत्म करने के लिए दिए जा रहे बयानों पर कड़ी नजर रख रहा है, साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों और यूरोप के राजनीतिक रुख के बीच बढ़ती दूरी को भी उजागर करता है।

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