Oman में होर्मुज़ के नए समुद्री रास्ते पर बैठक टली, Bahrain के इनकार से बदली बात

मस्कट और सलालाह में होने वाली एक अहम क्षेत्रीय बैठक को अचानक टाल दिया गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नए समुद्री रास्ते को लेकर ईरान और खाड़ी देशों के बीच यह चर्चा होने वाली थी। ओमान के सलालाह में होने वाली इस बैठक से ठीक पहले बहरीन ने ईरान के साथ किसी भी सामूहिक मंत्री-स्तरीय वार्ता में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद मस्कट प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण बैठक को फिलहाल स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया है।
ओमान के विदेश मंत्रालय का बयान
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू के मुताबिक, ओमान के विदेश मंत्रालय ने रविवार देर रात यह जानकारी दी कि बैठक को रचनात्मक बातचीत के लिए सही माहौल तैयार करने के उद्देश्य से टाला गया है। हालांकि, ओमान सरकार की तरफ से अभी तक बैठक की किसी नई तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि क्षेत्रीय सहमति बनाने के लिए ही इस कदम को उठाया गया है। उन्होंने साफ किया कि उनका देश ऐसी हर बातचीत को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है जो इस पूरे क्षेत्र में स्थिरता और लंबे समय तक चलने वाले आपसी सहयोग को मजबूत करे।
बहरीन का रुख और पुरानी कड़वाहट
बैठक के टाले जाने से ठीक पहले बहरीन ने ईरान के साथ प्रस्तावित सामूहिक मंत्री-स्तरीय वार्ता काहिरा या अन्य मंचों पर होने वाली बैठकों से दूरी बना ली थी। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध पूरी तरह बहाल नहीं हो जाते, तब तक मनामा ईरान के साथ ऐसी किसी भी सामूहिक बैठक का हिस्सा नहीं बनेगा। गौरतलब है कि इस प्रस्तावित बैठक में बहरीन के अलावा ईरान, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, कतर, सऊदी अरब और कुवैत के शामिल होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही थी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि इस बैठक का मुख्य और एकमात्र एजेंडा केवल होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नए समुद्री रास्ते की व्यवस्था तय करना ही है।
नया समुद्री रास्ता और समझौते की स्थिति
ईरान के मंत्री अरागची के मुताबिक, ईरान और ओमान ने मिलकर नए समुद्री मार्ग को तय करने वाले एक अहम समझौते को पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया है। दोनों देशों ने इस नए मार्ग के नक्शे और संचालन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए एक संयुक्त बयान भी जारी किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओमान के साथ हुआ यह समझौता किसी भी तरह से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे मुख्य ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक गिना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के कारण इस जरूरी जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर खाड़ी देशों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी सैन्य अड्डे
इससे पहले ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़ी कुछ खास जगहों को निशाना बनाया था, जिसमें ईसा एयर बेस का नाम भी शामिल था। तेहरान ने उन हमलों को अपने ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों की सीधी प्रतिक्रिया बताया था। ऐसे माहौल में बहरीन का ईरान के साथ किसी भी सामूहिक वार्ता से एकदम से दूरी बना लेना और उसके बाद ओमान द्वारा इस बड़ी बैठक को स्थगित कर देना क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से एक बहुत बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। फिलहाल ओमान के अधिकारियों ने बैठक की नई तारीख या इसे टालने की कोई अन्य विशिष्ट वजह आधिकारिक तौर पर साझा नहीं की है। इस पूरे घटनाक्रम पर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार से जुड़े लोगों की भी गहरी नजर बनी हुई है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते से जुड़ी हर गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर पड़ता है।