होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला, यूकेएमटीओ ने जारी की चेतावनी और बढ़ाई सुरक्षा

खाड़ी देशों के समंदर में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर बड़ा खतरा सामने आया है, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज को अज्ञात प्रक्षेप्य यानी मिसाइल या ड्रोन जैसी चीज से निशाना बनाया गया है। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री रास्तों से भारत समेत दुनिया भर के तमाम देशों का व्यापार और तेल का परिवहन होता है, ऐसे में इस तरह के हमलों से वहां काम कर रहे नाविकों और यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
यूकेएमटीओ ने जारी किया अलर्ट
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए अपनी एक्स पोस्ट पर आधिकारिक चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार, यह खतरनाक घटना 12 सितंबर की रात को लगभग 11 बजे यानी 23:00 यूटीसी के आसपास घटी जब जहाज उस इलाके से पार कर रहा था। इस हमले के तुरंत बाद से सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी चौकसी कई गुना बढ़ा दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इस हमले के पीछे किसका हाथ था और किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
चालक दल और पर्यावरण की स्थिति स्पष्ट नहीं
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस अचानक हुए हमले के बाद शुरुआती दौर में जहाज पर मौजूद चालक दल यानी क्रू मेंबर्स की सलामती को लेकर कोई पुख्ता खबर सामने नहीं आई है। इसके अलावा जहाज को कितना नुकसान पहुंचा है और क्या इससे समंदर के पानी या पर्यावरण पर कोई बुरा असर पड़ा है, इसकी सटीक जानकारी भी अभी तक सामने नहीं आ सकी है। संबंधित अधिकारी और विशेषज्ञ लगातार इस पूरी स्थिति का आकलन करने में जुटे हुए हैं ताकि किसी भी बड़े खतरे को समय रहते टाला जा सके।
समुद्री रास्तों पर चलने वाले जहाजों को सख्त निर्देश
हलातों की गंभीरता को देखते हुए समुद्री सुरक्षा महकमे ने होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के तमाम समुद्री रास्तों से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जहाजों के कैप्टन और ऑपरेटरों को यह निर्देश दिया गया है कि वे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखें। सुरक्षा अधिकारियों की तरफ से यह भी कहा गया है कि जब तक इस मामले की पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर उसकी तुरंत सूचना संबंधित कंट्रोल रूम को दी जाए ताकि समय पर उचित कदम उठाए जा सकें।