हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, अमेरिका ने रोके 105 कॉमर्शियल जहाज

Praggya Singh sabal18 September 20262 min read36 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, अमेरिका ने रोके 105 कॉमर्शियल जहाज

अमेरिका के केंद्रीय कमान यानी CENTCOM ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ चल रहे नौसैनिक नाकेबंदी नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए कुल 105 कॉमर्शियल जहाजों को दूसरे रास्ते पर मोड़ दिया है। यह नाकेबंदी इस साल 14 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य अरब सागर और ओमान की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले समुद्री यातायात को रोकना है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे गैर-ईरानी बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों के रास्ते में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे।

क्षेत्र में तैनात हैं अमेरिकी युद्धपोत

इस इलाके में इस समय नौसैनिक अभियानों की कमान उभयचर हमलावर जहाज USS Boxer (LHD 4) और उसके मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के पास है, जो अरब सागर में लगातार उड़ान से जुड़े संचालन कर रहे हैं। इस तनाव के बीच ओमान के खासब से 16 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक सुरक्षा घटना दर्ज की गई, जिसे यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड किया था। खाड़ी देशों में रहने वाले और सफर करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति काफी चिंता का विषय बनती जा रही है, क्योंकि समुद्री रास्तों पर निगरानी और सख्ती बहुत ज्यादा बढ़ा दी गई है।

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ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग और प्रतिबंध

इसी दौरान, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 18 सितंबर को यह दावा किया कि उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर 'Trend' को हिरासत में ले लिया है। उनका आरोप था कि यह जहाज अवैध तरीके से रास्ता पार कर रहा था। अमेरिका और तेहरान के बीच हाल ही में हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद से समुद्री तनाव लगातार अपने चरम पर पहुंच गया है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 सितंबर को बयान देते हुए कहा कि यह संघर्ष अब अपने अंतिम दौर की तरफ बढ़ रहा है और ईरान खुद एक समझौते की तलाश में है। इससे पहले उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि इस नाकेबंदी की वजह से ईरान को रोजाना 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

क्रिप्टोकरंसी पर कार्रवाई और दूसरे देशों की प्रतिक्रिया

इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 'Operation Economic Outcast' के तहत एक ईरानी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज BitBank पर नए प्रतिबंध लगाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। ट्रेजरी विभाग का यह आरोप है कि यह एक्सचेंज इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को पाबंदियों से बचने के लिए पेमेंट करने में मदद कर रहा था। वहीं दूसरी तरफ, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने अपने आधिकारिक बयान में यह साफ कर दिया है कि उनका देश इस मौजूदा सैन्य संघर्ष में दखل देने के लिए अपनी सेना को मैदान में नहीं उतारेगा। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए इस प्रकार के घटनाक्रम पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है ताकि किसी भी अनहोनी या यात्रा संबंधी परेशानी से बचा जा सके।

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