हॉर्मूज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर, ईरान के विदेश मंत्री ने तुर्की और सऊदी अरब के मंत्रियों से की बात

Praggya Singh sabal6 September 20262 min read42 viewsSaudi
हॉर्मूज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर, ईरान के विदेश मंत्री ने तुर्की और सऊदी अरब के मंत्रियों से की बात

शनिवार, 6 सितंबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan से फोन पर बातचीत की। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बातचीत होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार बढ़ रहे तनाव और अस्थिरता को कम करने के लिए की गई। सभी नेताओं ने इस संवेदनशील समुद्री रास्ते पर शांति बहाल करने और कूटनीतिक रास्तों से हालात सुधारने पर चर्चा की। इस बीच खाड़ी देशों में रहने वाले और सफर करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि इस रूट पर लगातार सैन्य टकराव देखने को मिल रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव

तेहरान ने इस पूरे तनाव के लिए सीधे तौर पर अमेरिका की आक्रामक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में सामने आई है जब इस क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष काफी तेज हो गया है। 6 सितंबर 2026 को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में खड़े ईरान के 3 तेल टैंकरों को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेना की यह कार्रवाई तब सामने आई जब रिपोर्ट्स में बताया गया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक अमेरिकी विमान वाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।

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ईरान की सैन्य चेतावनी और तेल टैंकरों पर हमला

इन घटनाओं के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को दावा किया कि उनकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर बिना अनुमति के चल रहे 3 तेल टैंकरों और अमेरिका से जुड़े अन्य 3 जहाजों को निशाना बनाया है। ईरानी सेना ने संघर्ष के इस दौर में किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त ट्रांजिट रूट का इस्तेमाल करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। इस सैन्य हलचल का असर अब समुद्री व्यापार पर साफ दिखने लगा है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

इस्लामाबाद समझौता और शांति की कोशिशें

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग को फिर से सक्रिय करने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस फ्रेमवर्क को मूल रूप से जून 2026 में बनाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य सैन्य अभियानों को रोकना और कमर्शियल जहाजों के लिए इस रास्ते को फिर से खोलना है। तुर्की के राजनयिक सूत्रों ने पुष्टि की कि मंत्री फidan और अरागची के बीच हुई बातचीत में इन वार्ताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा बेहद जरूरी है ताकि व्यापार और यात्रा सामान्य बनी रहे।

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