Saudi Arabia पर बड़ा हवाई हमला, रियाद में गूंजे धमाके और सायरन, घरों में रहने की अपील.

सऊदी अरब की राजधानी Riyadh में शनिवार को सुबह सवेरे अचानक हवाई हमलों का खतरा मंडराने लगा जिसके बाद पूरे शहर में एयर-रेड सायरन बज उठे। Al-Olaya जिले में मौजूद एपी और रॉयटर के पत्रकारों ने साफ तौर पर दो बड़े धमाकों की आवाज सुनी जिससे आम लोगों में हड़कंप मच गया। सिविल डिफेंस अधिकारियों ने राजधानी रियाद और उसके पास के इलाके Al-Kharj के लिए सुबह लगभग 3 बजे और फिर दोबारा सुबह 5:20 बजे स्थानीय समय पर चेतावनी जारी की। प्रशासन ने लोगों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने घरों के अंदर ही रहें और खिड़कियों से दूर रहें ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। अधिकारियों की तरफ से अभी तक राजधानी में किसी भी तरह के नुकसान, हताहत होने या मिसाइल रोधी प्रणाली द्वारा हमलों को नाकाम करने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ताफ में मलबे से एक व्यक्ति की मौत और ओमान की कूटनीतिक बैठक स्थगित
इससे पहले हौथी सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने बयान दिया था कि उनका समूह सना में सऊदी अरब की कथित कार्रवाइयों का जवाब देना चाहता है। हाल ही में हौथी विद्रोहियों ने मोचा और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है जिससे Bab al-Mandab Strait पर दबाव काफी बढ़ गया है। ये तमाम घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जब ईरान ने 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिकी-इजराइल अभियान के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को सीमित कर दिया है। यह क्षेत्रीय संघर्ष के सातवें महीने का एक नया दौर शुरू हो गया है क्योंकि ईरान ने खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी देशों के खिलाफ हजारों की संख्या में मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। सऊदी अरब के अनुरोध पर पिछले हफ्ते ओमान में होने वाली कूटनीतिक चर्चाओं को भी टाल दिया गया था। गत गुरुवार को ताफ प्रांत में एक इंटरसेप्ट किए गए हौथी ड्रोन का मलबा गिरने से एक यमनी नागरिक की मौत हो गई जबकि एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
यूएनएससी की कड़ी निंदा और खाड़ी देशों का बुनियादी ढांचा प्रभावित
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC के सदस्यों ने शुक्रवार को सऊदी अरब की ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। लाल सागर में माल की लदान और सऊदी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन के संचालन में भी कुछ रुकावटें देखने को मिली हैं। इससे पहले पिछले हमलों में यूएई, बहरीन, कतर और ओमान को भी निशाना बनाया गया था। 19 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार एएफपी, रॉयटर, बीबीसी, ब्लूमबर्ग, अरब न्यूज, एपी और सऊदी सिविल डिफेंस के स्रोतों से यह साफ होता है कि रियाद की एयर डिफेंस सिस्टम ने शहर के अंदर किसी बड़े जानमाल के नुकसान को होने से रोक लिया है लेकिन देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरा अभी भी पूरी तरह बना हुआ है। सऊदी प्रेस एजेंसी के माध्यम से एपी की एक आधिकारिक तस्वीर में 17 सितंबर 2026 को ताफ प्रांत में गिरे हौथी ड्रोन के मलबे के नुकसान को दस्तावेज के रूप में दिखाया गया है हालांकि रियाद के धमाकों की कोई भी तस्वीर अभी तक जारी नहीं की गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले सभी प्रवासी और भारतीय नागरिक भी इस तनावपूर्ण स्थिति को लेकर चिंतित हैं और स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं।