हूती विद्रोहियों का अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला, यमन में युद्ध तेज

यमन में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। 6 अक्टूबर, 2026 को हूती विद्रोहियों ने अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए दो मिसाइलें दागीं। यह हमला उस समय हुआ है जब यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य राजधानी सना को मुक्त कराना है। राष्ट्रपति के इस आह्वान के बाद क्षेत्र में भीषण लड़ाई छिड़ गई है, जिसने पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
इस संघर्ष में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की भूमिका अहम बनी हुई है। प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि यमनी सशस्त्र बलों की मदद के लिए 100 लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर दक्षिणी जाइंट्स ब्रिगेड और नेशनल शील्ड फोर्सेज जैसे समूहों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास धुबाब शहर पर फिर से नियंत्रण पा लिया है, जो एक रणनीतिक जीत मानी जा रही है।
सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर भी हुए हमले
हूती विद्रोहियों ने केवल यमन ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब के भीतर भी तबाही मचाई है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने दावा किया कि उन्होंने जिज़ान और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से सफल हमले किए हैं। इससे पहले 5 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट और अरामको की एक फैसिलिटी को भी निशाना बनाया गया था। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन सामान्य प्राधिकरण के अनुसार, नज़रान और जिज़ान हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।
इस बढ़ती हिंसा ने भारी मानवीय क्षति पहुंचाई है, जिसमें अब तक 270 से अधिक सरकारी सैनिकों और हूती लड़ाकों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इन सीमा पार हमलों की कड़ी निंदा की है, जबकि अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। इस अस्थिरता के बीच, तुर्की और पाकिस्तान ने एक आपसी रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब में अपनी सेना तैनात करने का फैसला किया है।