यमन के अदन स्थित प्रेसिडेंशियल पैलेस पर हूती विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई

अदन: यमन के अदन में स्थित माशिक प्रेसिडेंशियल पैलेस कॉम्प्लेक्स पर हूती बलों ने मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है। इस हमले में पांच लोगों की जान चली गई और 16 अन्य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में सुरक्षा गार्ड और नागरिक कर्मचारी शामिल हैं।
यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम बुहैबे ने मौतों और घायलों की पुष्टि की है। कुछ अन्य रिपोर्टों के मुताबिक मरने वालों में कम से कम दो सुरक्षा गार्ड और प्रधानमंत्री शाया अल-ज़िंदानी के निजी सुरक्षा दस्ते के दो सदस्य शामिल हैं।
सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरयानी ने बताया कि इस हमले में प्रधानमंत्री शाया ज़िंदानी और कैबिनेट के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं। बताया गया कि हमले के दौरान कई प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिनमें से पांच मिसाइलें होने की खबर है।
युवा मंत्री नायफ सालेह अल-बकरी ने कहा कि सरकार अदन में ही रहेगी। उन्होंने साफ किया कि इस हमले से सरकार के कामकाज या हूती आंदोलन के खिलाफ उनके अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि निशाना सऊदी अधिकारियों द्वारा संचालित सैन्य संचालन मुख्यालय और कॉम्प्लेक्स के भीतर हथियार डिपो थे। सारे ने इसे सऊदी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी नीति का हिस्सा बताया।
सऊदी अरब सरकार ने इस हमले की निंदा की है। सऊदी अरब ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह हूती बलों को हथियार और प्रशिक्षण देकर इस तनाव को बढ़ावा दे रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसे एक आतंकवादी हमला करार देते हुए हूतियों से नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना बंद करने को कहा है।
यह हमला 2026 की शुरुआत से बढ़े क्षेत्रीय संघर्ष के बीच हुआ है। वर्तमान युद्ध चरण के दौरान अदन पैलेस पर इस तरह का यह पहला हमला माना जा रहा है।