यमन के अदन स्थित राष्ट्रपति महल पर हूती विद्रोहियों ने किया हमला, पांच लोगों की मौत और 16 घायल

अदन (यमन): यमन के अदन में स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल में 15 और 16 अक्टूबर 2026 के बीच कई जोरदार धमाके हुए। इस हमले में पांच लोगों की जान चली गई जबकि सुरक्षाकर्मियों और नागरिक कर्मचारियों समेत 16 लोग घायल हो गए। यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम मोहम्मद बुहैबे ने मौतों और घायलों की पुष्टि की है।
हमले के वक्त प्रधानमंत्री शया अल-जिंदानी महल के अंदर ही मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित बच गए। उन्होंने इस हमले को कायरतापूर्ण करार दिया और कहा कि सरकार हूती बलों के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखेगी।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ और साबा न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि उन्होंने महल परिसर के भीतर सैन्य संचालन केंद्रों और हथियारों के डिपो को निशाना बनाया। हूतियों का आरोप है कि इन केंद्रों में सऊदी अधिकारी मौजूद थे।
यमन के विदेश मंत्री के राजनीतिक सलाहकार मरवान अली नोमान ने कहा कि सुरक्षा में सेंध लगने के बावजूद अदन ही सरकार का परिचालन आधार बना रहेगा।
इस हमले के जवाब में यमन के सशस्त्र बलों ने 24 घंटे के भीतर हूती सैन्य ठिकानों पर 1,292 हमले किए। सेना का दावा है कि इस कार्रवाई में मिलिशिया के 430 से अधिक सदस्य मारे गए हैं।
क्षेत्रीय तनाव अब सऊदी अरब तक भी पहुंच गया है। गठबंधन प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि खामिस मुशैत के ऊपर एक दुश्मन ड्रोन को रोका गया। इसके अलावा सऊदी अधिकारियों ने मदीना क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल और पूर्वी प्रांत में ड्रोन को नाकाम किया है। सऊदी अरब ने हिंसा में इस बढ़ोतरी के लिए ईरान के समर्थन को जिम्मेदार ठहराया है।