यमन के अदन में माशिक पैलेस पर हूती विद्रोहियों ने किया मिसाइल और ड्रोन हमला, दो सुरक्षा गार्डों की मौत

अदन: यमन के अदन स्थित माशिक पैलेस पर हूती विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है। इस हमले में दो सुरक्षा गार्डों की जान चली गई और कई अन्य लोग घायल हुए हैं।
यमन के कैबिनेट और सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरयानी ने बताया कि सरकारी परिसर को निशाना बनाकर कम से कम पांच मिसाइलें दागी गईं। हालांकि, हमले के वक्त पैलेस में मौजूद प्रधानमंत्री डॉ. शाया अल-ज़िंदानी और कैबिनेट के अन्य सदस्य सुरक्षित हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने दावा किया कि यह हमला एक सैन्य मुख्यालय पर किया गया, जहां सऊदी अधिकारी मौजूद थे और हथियारों के डिपो थे।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक इलाके में कम से कम छह धमाके हुए। कुछ मिसाइलें पैलेस के पास की एक पहाड़ी और सुरक्षा गेट के आसपास गिरीं, जिससे स्थानीय निवासियों में काफी डर फैल गया।
यह हमला उस समय हुआ जब 11 अक्टूबर 2026 को अदन में हुई कैबिनेट बैठक में यमन सरकार ने हूती आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित करने और उसकी गतिविधियों को अपराध मानने के लिए मसौदा कानून को मंजूरी दी थी।
इसी दिन सऊदी अरब में भी सैन्य हलचल देखी गई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को रोका और पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को नष्ट किया। हालांकि, हूती अधिकारियों ने मदीना वाली घटना की जिम्मेदारी से इनकार किया है।