दम्माम एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमले में एक भारतीय की मौत और दो अन्य घायल, सऊदी अरब में तनाव बढ़ा
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमले में एक भारतीय की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए हैं।

दम्माम: सऊदी अरब के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई और दो अन्य घायल हो गए। 21 अक्टूबर 2026 की रात को हुए इस हमले की जिम्मेदारी यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ली है।
इस हमले में एक सऊदी नागरिक की भी मौत हुई है, जबकि यमन, बांग्लादेश और नेपाल के नागरिकों समेत आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि उन्होंने दम्माम एयरपोर्ट के अलावा रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय, यनबू में अरामको साइट और अबहा एयरपोर्ट सहित कई जगहों को निशाना बनाया है।
इसी दिन पूर्वी प्रांत के शैबा ऑयलफील्ड के पास सऊदी हवाई सुरक्षा ने एक ड्रोन को मार गिराया था। इस दौरान ड्रोन का मलबा गिरने से एक फिलीपीिनो और एक नेपाली कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इन मौतों और घायलों की पुष्टि की है। दूतावास ने बताया कि वे प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं और उन्हें जरूरी मदद मुहैया करा रहे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की निंदा की है और हिंसा को तुरंत रोकने की मांग की है।
जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक, नुकसान का आकलन करने के बाद दम्माम एयरपोर्ट पर कामकाज फिर से शुरू कर दिया गया है। घायल लोगों का इलाज जारी है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ था। उस घटना में हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी और उनके परिवार के लोग घायल हुए थे।
इन घटनाओं के बाद एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइनों ने 24 अक्टूबर तक सऊदी शहरों के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
भारतीय राजनयिक मिशनों ने 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन शुरू की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अलर्ट के दौरान घरों के अंदर रहें, घटनाओं की वीडियो न बनाएं और यात्रा के लिए बहरीन, कुवैत या कतर जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। भारत सरकार शवों को वापस लाने और प्रवासियों की मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रही है।