किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती हमला, GCC ने बताया 'आतंकी अपराध'

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KKIA) पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। इस हमले को गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने एक 'आतंकी अपराध' करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून और नागरिक सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया और सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपना पूर्ण समर्थन देने का वादा किया है।
यह हमला 8 अक्टूबर, 2026 को हुआ, जिसमें एयरपोर्ट की सुविधाओं और सऊदी अरेबियन एयरलाइंस के एक विमान को निशाना बनाया गया। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक, इस हमले में तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई और कई अन्य नागरिक व विदेशी निवासी घायल हुए हैं। सऊदी अरेबियन एयरलाइंस ने पुष्टि की है कि मृतकों में उनका एक कर्मचारी भी शामिल है। राहत की बात यह रही कि जिस विमान पर हमला हुआ, उस समय उसमें कोई यात्री सवार नहीं था।
हूतियों की धमकी और सैन्य प्रतिक्रिया
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने दो विंग्ड मिसाइलों से एयरपोर्ट को निशाना बनाया और एक बैलिस्टिक मिसाइल से नजरान एयरपोर्ट पर हमला किया। इतना ही नहीं, सारे ने सऊदी तेल सुविधाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को वहां से तुरंत निकलने की चेतावनी भी दी है।
इस हमले के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हूतियों के तीन मिसाइल लॉन्च पैड नष्ट कर दिए हैं। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस घटना के बाद सना में गठबंधन के हवाई हमले भी तेज हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की निंदा हुई है। कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, मिस्र, सीरिया और यूरोपीय आयोग ने सऊदी अरब की सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन जताया है। तनाव को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है, जबकि लुफ्थांसा जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। हालांकि, GACA ने पुष्टि की है कि गुरुवार शाम से किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन फिर से शुरू हो गया है।