किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती हमला: GCC ने बताया आतंकी वारदात, कई मौतें

Gautam Sahu9 October 20262 min read0 viewsSaudi
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती हमला: GCC ने बताया आतंकी वारदात, कई मौतें

सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हालिया हमलों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक 'आतंकवादी अपराध' करार दिया है। यह हमला 6 से 8 अक्टूबर 2026 के बीच हुआ, जिसमें किंग खालिद के साथ-साथ अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया।

GCC के महासचिव जसीम अल-बुदईवी ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और सुरक्षा स्थिति में एक गंभीर वृद्धि बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि GCC पूरी तरह से सऊदी अरब के साथ खड़ा है और देश की संप्रभुता व सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने पुष्टि की है कि इन हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

इस दुखद घटना में तीन सऊदी नागरिकों की मौत हो गई है, जिनमें सऊदी एयरलाइंस के कर्मचारी कैप्टन हमूद अली अलकल्थमी भी शामिल हैं। इसके अलावा, विभिन्न देशों के कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमले के दौरान किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जमीन पर खड़ा सऊदी एयरलाइंस का एक विमान क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि उस समय विमान में कोई यात्री सवार नहीं था।

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रियाद में तबाही और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

हमलों का असर केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहा। सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, एक इंटरसेप्ट की गई मिसाइल के मलबे से रियाद स्थित एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स और एक किंडरगार्टन (बालवाड़ी) को भी नुकसान पहुँचा है। हालांकि गुरुवार शाम 6 बजे तक एयरपोर्ट पर परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया, लेकिन सुरक्षा को लेकर डर अभी भी बना हुआ है। अमेरिकी मिशन ने अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है और सरकारी कर्मचारियों के लिए एयरपोर्ट के उपयोग हेतु विशेष अनुमति अनिवार्य कर दी है।

सुरक्षा खतरों और हूतियों की धमकियों को देखते हुए एयर इंडिया, इंडिगो और लुफ्थांसा ग्रुप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद की अपनी उड़ानों को या तो निलंबित कर दिया है या उनका रास्ता बदल दिया है। इस हमले के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूतियों के 82 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है और चेतावनी दी है कि ऐसे हमलों को माफ नहीं किया जाएगा।

इस हमले की वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा हुई है। मिस्र, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, भारत और फ्रांस के साथ-साथ मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने भी इस हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है।

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