अदन के माशिक पैलेस पर हूती मिलिशिया ने मिसाइल और ड्रोन से किया हमला, यमन कैबिनेट ने हमले की कड़ी निंदा की

अदन: यमन की कैबिनेट ने अदन स्थित माशिक पैलेस पर हूती मिलिशिया द्वारा किए गए हमले की औपचारिक रूप से निंदा की है। इस हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे पैलेस के सुरक्षाकर्मियों की जान गई और कई लोग घायल हो गए।
कैबिनेट ने अपने बयान में कहा कि यह हमला इस बात का सबूत है कि हूती मिलिशिया यमन के लोगों के अपने राज्य को बहाल करने के संकल्प को नहीं दबा सकते। अधिकारियों ने साफ किया कि इस तरह के हमलों से सरकार का इरादा कमजोर नहीं होगा और न ही वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाने से पीछे हटेगी।
सरकार ने जोर देकर कहा कि अदन राज्य संस्थानों का मुख्य केंद्र बना रहेगा और वह हूती मिलिशिया की धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। बयान में यह भी बताया गया कि हूती तख्तापलट को खत्म करने और राजधानी सना को वापस पाने के लिए 'डॉन ऑफ यमन' नाम का सैन्य अभियान जारी है।
यमन सरकार ने सऊदी अरब में नागरिक सुविधाओं और तइज़ व लहज के रिहायशी इलाकों पर हूती हमलों की भी निंदा की है। कैबिनेट के मुताबिक, ये कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं। सरकार ने सशस्त्र बलों और जन प्रतिरोध को समर्थन देने का वादा किया है ताकि पूरे यमन में राज्य का अधिकार बहाल हो सके।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वे इस मामले में कड़ा रुख अपनाएं और हूती हमलों के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं। कैबिनेट ने कहा कि गणतंत्र की बहाली एक राष्ट्रीय लक्ष्य है जिससे पीछे नहीं हटा जाएगा और यमन का भविष्य किसी ऐसी मिलिशिया के हाथों में नहीं रहेगा जो अपने ही लोगों और पड़ोसी देशों की सुरक्षा को निशाना बनाती है।