खाड़ी देशों में हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों में छह भारतीयों की मौत और एक लापता, रियाद एयरपोर्ट पर हुआ बड़ा हमला

Gautam Sahu20 October 20262 min read0 viewsWorld
खाड़ी देशों में हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों में छह भारतीयों की मौत और एक लापता, रियाद एयरपोर्ट पर हुआ बड़ा हमला

नई दिल्ली: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के मिसाइल व ड्रोन हमलों में छह भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने नई दिल्ली में एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी।

10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर हूती मिसाइल से हमला हुआ। इस हमले में 13 लोगों की जान गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे।

घायलों में हैदराबाद के मेहदीपटनम के रहने वाले 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ उमराह करने आए थे। इस हादसे में उनकी पत्नी समीरा, बेटे अमन और वसी, बेटी मरियम और चाची अतिया सुल्ताना घायल हुए। अमन और उनकी चाची का ऑपरेशन भी करना पड़ा। राजदूत विपुल ने रियाद में अली के जनाजे में शिरकत की और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शोक जताया।

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हमलों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 11 अक्टूबर को ओमान के सोहार एंकरेज के पास निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ। जहाज पर मौजूद 11 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से नौ को बचा लिया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के अमित सिंह और देवरिया के बीर बहादुर यादव लापता हैं। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि स्थानीय कोस्ट गार्ड की मदद से उनकी तलाश जारी है।

उसी दिन स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एमटी वैल्थेरा पर भी हमला हुआ, हालांकि इसमें सवार सभी 11 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए। इसके अलावा, 13 अक्टूबर को सऊदी अरब के जिजान में क्रेन हादसे में तेलंगाना के 27 वर्षीय काशिरेड्डी राकेश की मौत हो गई।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वतीनेनी हरीश ने नागरिक बुनियादी ढांचे और एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी जैसे जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है।

सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा ने 24 अक्टूबर तक रियाद, जेद्दा और दम्माम की उड़ानें रद्द कर दी हैं। अधिकारियों ने नागरिकों को सावधानी बरतने और बहरीन, कुवैत या कतर के रास्तों से बाहर निकलने की सलाह दी है। बता दें कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक करीब 3 लाख भारतीय इस क्षेत्र से जा चुके हैं। सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन लोगों की वापसी और खोज अभियान में जुटे हैं।

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