पश्चिम एशिया में हूती हमलों से छह भारतीयों की मौत और एक लापता, रियाद एयरपोर्ट और ओमान में हुआ बड़ा हमला

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हूती विद्रोहियों के हमलों में छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई है और एक व्यक्ति अब भी लापता है। विदेश मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2026 को इस बात की पुष्टि की।
हूती विद्रोहियों ने यूएई, सऊदी अरब, ओमान और इराक में हवाई अड्डों, जहाजों और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों की वजह से 28 फरवरी से अब तक करीब 3 लाख भारतीय इस क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं।
एक बड़ा हमला 10 अक्टूबर को सऊदी अरब के रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर हुआ। यहाँ हूती मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे।
इस हादसे में हैदराबाद के मेहदीपटनम के रहने वाले 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। वह पिछले दस साल से रियाद में काम कर रहे थे और उमराह के लिए अपनी पत्नी समीरा, बेटी मरियम और दो बेटों अमन और वसी के साथ यात्रा कर रहे थे।
इस हमले में समीरा और मरियम को मामूली चोटें आईं, जबकि 18 साल के अमन के घुटने की सर्जरी करनी पड़ी और 16 साल के वसी की तीन उंगलियां कट गईं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार की मदद की और सऊदी अरब में हुए जनाजे में शामिल हुआ।
वहीं 11 अक्टूबर को ओमान के सोहर एंकरेज में निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ। जहाज पर सवार 11 भारतीय क्रू में से नौ को बचा लिया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के अमित सिंह और देवरिया के बीर बहादुर यादव लापता हैं।
इन दोनों नाविकों पर जहाज के मुख्य डेक पर हमला हुआ था और उनकी तलाश के लिए ऑपरेशन अब भी जारी है। इसके अलावा 13 अक्टूबर को सऊदी अरब के जिज़ान में तेलंगाना के 27 वर्षीय काशिरेड्डी राकेश की मौत हो गई, जब क्रेन से उठाई जा रही एक पाइप उन पर गिर गई।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने नागरिक और वाणिज्यिक जहाजों पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने भारतीय जहाज एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी को मिले खतरे का जिक्र किया और ओमान व यूएई से मिले समर्थन का आभार जताया।
सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया और इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक सऊदी अरब की उड़ानें निलंबित कर दी हैं। भारत सरकार ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें सतर्क रहने और संघर्ष वाले क्षेत्रों में वीडियो बनाने से बचने की सलाह दी है।