हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला: रियाद और अदन एयरपोर्ट निशाने पर, मची अफरा-तफरी

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार तड़के हूती विद्रोहियों ने यमन के अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरब के रियाद समेत कई सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। अदन एयरपोर्ट पर हुए हमले के कारण काहिरा से आने वाली एक नागरिक उड़ान को बीच रास्ते से ही जेद्दा मोड़ना पड़ा, जबकि जमीन पर खड़े दो अन्य विमानों को आनन-फानन में सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
यमन के परिवहन मंत्रालय ने इस कार्रवाई को एक जघन्य हमला करार दिया है। वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अबहा एयरपोर्ट और खमीस मुशैत एयर बेस के साथ-साथ अदन के पास बद्र कैंप में सऊदी सैन्य आपूर्ति को निशाना बनाया है। हूतियों का दावा है कि इन हमलों में दर्जनों सऊदी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं, हालांकि अभी तक स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने रियाद और खमीस मुशैत की ओर आने वाली मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया।
क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक असर
यह हमला सऊदी अरब के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के जवाब में देखा जा रहा है, जिसमें करीब 100 लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया है। सरकारी बलों का दावा है कि उन्होंने धुबाब और मोखा जैसे महत्वपूर्ण इलाकों पर फिर से कब्जा कर लिया है, जिसे हूती समूह ने खारिज कर दिया है। इस हिंसा का असर अब केवल जमीन तक सीमित नहीं है। मंगलवार को ओमान के तट के पास एक पनामा-ध्वज वाले टैंकर 'MT On Peace' पर हमला हुआ, जिसमें सवार 19 चालक दल के सदस्यों में से 11 भारतीय नागरिक थे। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
इस पूरे संकट का असर वैश्विक बाजारों में भी दिख रहा है, जहां ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 101 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और 2022 के युद्धविराम के टूटने से हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान को अपनी परमाणु संवर्धन गतिविधियों को रोकना होगा।