रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमला, 20 की मौत; सऊदी गठबंधन ने यमन में पलटवार किया

रियाद: सऊदी अरब में पिछले एक हफ्ते से जारी हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों ने हवाई यात्रा और आम जिंदगी दोनों को हिला दिया है। इन हमलों में अब तक कम से कम 20 लोगों की जान जा चुकी है। हालात इतने बिगड़ गए कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में जवाबी हवाई हमले किए हैं।
शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (KKIA) पर हुए हमले में 12 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा घायल हुए। मरने और घायल होने वालों में सऊदी नागरिकों के अलावा अमेरिका, बांग्लादेश, मिस्र, जॉर्डन, सूडान, सीरिया और फिलिस्तीन के लोग भी शामिल थे। अगले दिन, 11 अक्टूबर को इसी एयरपोर्ट पर हुए एक और हमले में एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर के हमलों में तीन लोगों की जान जा चुकी थी।
एयरपोर्ट पर सन्नाटा, उड़ानें लगभग ठप
इन हमलों का सबसे बड़ा असर हवाई यात्रा पर पड़ा है। रविवार को KKIA से होने वाली 99.7 प्रतिशत उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। लुफ्थांसा ग्रुप और एयर फ्रांस-KLM जैसी बड़ी विमानन कंपनियों ने रियाद के लिए अपनी सेवाएं फिलहाल बंद कर दी हैं। अमेरिकी दूतावास ने भी देश के प्रमुख एयरपोर्ट पर अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह जारी की है। रियाद में स्कूलों को गुरुवार तक ऑनलाइन पढ़ाई पर भेज दिया गया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सरिया ने दावा किया है कि सऊदी अरब के सभी एयरपोर्ट और एयरस्पेस, मक्का और मदीना को छोड़कर, अब उनके निशाने पर हैं। इस बयान ने पूरे देश में असुरक्षा की भावना और गहरी कर दी है।
सऊदी सरकार का रुख: ऊर्जा मंत्री राजकुमार अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने सोमवार, 12 अक्टूबर को इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की ताकत और उसका धैर्य बरकरार है, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता और सरकार इसका कड़ा जवाब देगी। गठबंधन ने शनिवार के हमले को "पूर्ण युद्ध अपराध" बताया है।
सुरक्षा विशेषज्ञ थॉमस जुनो के अनुसार सऊदी एयर डिफेंस ने कई मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही रोक दिया है, लेकिन देश का विशाल भौगोलिक क्षेत्र सुरक्षा इंतज़ाम को बे