सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूती मिसाइल और ड्रोन हमला, 3 की मौत और यात्राएं बाधित

सऊदी अरब में तनाव चरम पर पहुंच गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बड़े हमले में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दक्षिण-पश्चिम में स्थित अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया। 6 और 7 अक्टूबर 2026 को हुए इन मिसाइलों और ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस भीषण हमले में तीन नागरिकों की जान चली गई, जिनमें अबहा एयरपोर्ट पर एक मोरक्कन और एक अल्जीरियाई महिला और रियाद में एक सूडानी व्यक्ति शामिल हैं।
इस हमले में केवल मौतें ही नहीं हुईं, बल्कि 36 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों में सऊदी नागरिकों के साथ-साथ बांग्लादेश, फिलीपींस, मिस्र और पाकिस्तान के प्रवासी भी शामिल हैं। सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, घायलों की स्थिति मामूली से लेकर गंभीर तक है और दोनों हवाई अड्डों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल करके हवाई अड्डों और खामिस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस को निशाना बनाया।
क्षेत्रीय अस्थिरता और आर्थिक प्रभाव
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सादा, होदेइदा, अल-जौफ और मारिब में हूती ठिकानों पर 82 हमले किए। वहीं, हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि सऊदी अरब ने सना और ताइज़ सहित कई शहरों में 156 हवाई हमले किए। युद्ध का असर अब आसमान से उतरकर समुद्र और बाजार तक पहुंच गया है। कतर के तट से करीब 94 किलोमीटर दूर एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल हमले की खबर आई है, जिससे समुद्री सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे ब्रेंट क्रूड 102.84 डॉलर तक पहुंच गया। यूएई में पेट्रोल की कीमतों में 11.6% से 16.6% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, हवाई यात्राएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं; एयर फ्रांस, कैथे पैसिफिक और फिलीपीन एयरलाइंस ने रियाद और दुबई के लिए अपनी सेवाएं निलंबित या रद्द कर दी हैं।
राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध का अंत जल्द हो सकता है, लेकिन तेहरान को सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, इन हमलों के जवाब में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक 'मक्का डिफेंस एलायंस' बनाने की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।