हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल रिफाइनरी को बनाया निशाना, एयरलाइंस को दी चेतावनी
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। अमेरिकी सरकार ने अपने कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

रियाद: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अहम बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले किए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि उनके समूह ने देश के हवाई अड्डों, तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर समन्वित सैन्य अभियान चलाया है।
इन हमलों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नजरान एयरपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा यानबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं, राबिघ तेल रिफाइनरी और खामिस मुशैत एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया।
प्रवक्ता याह्या सारी ने इन जगहों को सैन्य लक्ष्य बताया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे सऊदी हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र में यात्रा करने या परिचालन करने से बचें।
यह हमला 24 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिससे पहले 23 अक्टूबर को रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय की इमारत पर हमले किए गए थे। सऊदी गठबंधन बलों ने बताया कि उन्होंने 23 अक्टूबर को 11 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका। इसके बाद 24 अक्टूबर को ताइफ़, यानबू, रियाद और पूर्वी प्रांत में भी कई प्रोजेक्टाइल्स को इंटरसेप्ट किया गया।
हवाई हमलों के जवाब में सऊदी सिविल डिफेंस ने जेद्दा, यानबू, ताइफ़ और मक्का में संक्षिप्त आपातकालीन अलर्ट जारी किए थे।
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को एक संशोधित यात्रा परामर्श जारी किया है। अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी नागरिकों को मिसाइल हमलों, ड्रोन हमलों, आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष के जोखिम के कारण इस क्षेत्र की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।