रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई लोग मारे गए जिससे उड़ानों और व्यापार पर पड़ा बुरा असर

Mohd. Irfan16 October 20262 min read0 viewsSaudi
रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई लोग मारे गए जिससे उड़ानों और व्यापार पर पड़ा बुरा असर

रियाद: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 1 अक्टूबर से सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कम से कम 20 मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से पूरे क्षेत्र की उड़ानों और व्यापार में भारी रुकावट आई है।

हाल ही में हुए हमलों में कम से कम 13 से 14 नागरिकों की जान गई है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में भारत, पाकिस्तान और अन्य देशों के प्रवासी भी शामिल हैं। मदीना के पास मिसाइलों को रोकने और अदन में राष्ट्रपति महल पर हुए हमलों ने यूएई, बहरीन, कतर, ओमान, यमन और ईरान सहित पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है।

गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि 7 से 11 अक्टूबर के बीच हुए हमलों में 17 लोगों की मौत हुई और 333 लोग घायल हुए। 10 अक्टूबर को 10 ड्रोन और कई मिसाइलों के हमले से एयरपोर्ट को काफी नुकसान पहुंचा। इसके अगले दिन हुए एक और हमले में पाकिस्तान के एक निवासी की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हुए। इससे पहले अबहा और अन्य जगहों पर हुए हमलों में एक अमेरिकी, बांग्लादेशी और भारतीय नागरिक भी हताहत हुए थे।

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इस हिंसा के कारण एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, अकासा, एमिरेट्स, एतिहाद, फ्लाईदुबई और एयर अरेबिया जैसी एयरलाइनों ने अपनी प्रमुख सऊदी रूट की उड़ानें 20 से 24 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। इससे दक्षिण एशियाई प्रवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आर्थिक मोर्चे पर तेल, एलएनजी और व्यापार क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर कथित माइन हमलों की खबरें आई हैं, जिसकी जानकारी IRGC ने दी है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 16 अक्टूबर 2026 तक खाड़ी देशों के आर्थिक विकास की संभावनाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक राष्ट्रपति वक्तव्य जारी कर इन हमलों को लापरवाह और उकसाने वाला बताया है। परिषद ने सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। सऊदी अधिकारियों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि हूती विद्रोहियों तक हथियारों की सप्लाई लाइन को काटना जरूरी है।

यूएई के अधिकारियों ने खाड़ी की सुरक्षा को अविभाज्य बताया है, जबकि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता रुकी हुई है। इन खतरों के बीच नज़रान और जाज़ान जैसे इलाकों में रहने वाले लोग हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि, 2027 एशियाई कप के आयोजकों का कहना है कि तैयारियां तय समय के अनुसार चल रही हैं।

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