सऊदी अरब के कई नागरिक हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों ने हमले तेज किए हैं जिससे भारी नुकसान हुआ है

रियाद: सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे पर हूती विद्रोहियों ने अपने हमले तेज कर दिए हैं। अक्टूबर 2026 में सीमा पार से किए गए इन हमलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जिसमें अबहा, नजरान और जाज़ान के किंग अब्दुल्ला इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने किंगडम के कई नागरिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की है। इसमें बैश, ताइफ, फरारसन और यनबू जैसे इलाके शामिल हैं।
अल-मल्की के मुताबिक, अबहा हवाई अड्डे पर हुए पिछले हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए। वहीं रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इस महीने अकेले 20 बार हमले हुए हैं, जिनमें 17 लोगों की जान गई और 333 लोग घायल हुए।
15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सऊदी हवाई रक्षा प्रणाली ने रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इससे पहले 14 अक्टूबर को रियाद में हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 6 अक्टूबर को भी जाज़ान, नजरान और अबहा के हवाई अड्डों पर हमले हुए थे।
जवाब में गठबंधन ने दावा किया है कि उन्होंने यमन में हूती विद्रोहियों के 127 हथियार भंडारण केंद्रों और लॉन्च प्लेटफॉर्म को तबाह कर दिया है।
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता यहया सारी ने कहा कि सऊदी लक्ष्यों के खिलाफ उनके अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने इन हमलों को सऊदी की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में जायज बताया है। सारी ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी हवाई क्षेत्र से बचने की चेतावनी भी दी है।
इस तनाव के बीच यूरोपीय संघ और जीसीसी शिखर सम्मेलन को प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं फ्रांसीसी अधिकारियों ने सऊदी तेल सुविधाओं की सुरक्षा में मदद के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से 15 अक्टूबर को इस सीमा पार तनाव पर औपचारिक बयान आने की उम्मीद है।