सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल केंद्रों पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमले, रियाद में होने वाला जीसीसी-यूरोपीय शिखर सम्मेलन टला

रियाद: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने खुलासा किया है कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दर्जनों नागरिक हवाई अड्डों, तेल केंद्रों और बंदरगाहों को निशाना बनाने की कई कोशिशें की हैं। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने इन हमलों को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।
गठबंधन के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से अब तक रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर करीब 20 अलग-अलग हमले किए गए हैं। 15 अक्टूबर को गठबंधन ने मदीना क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल और पूर्वी प्रांत के ऊपर एक ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराने की पुष्टि की।
सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज बंद होने के कारण एक बड़ा फैसला लिया गया है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने 24 अक्टूबर को रियाद में होने वाले जीसीसी-यूरोपीय शिखर सम्मेलन को फिलहाल के लिए टाल दिया है।
तनाव तब और बढ़ गया जब 14 अक्टूबर को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली। हालांकि, गठबंधन ने इस मिसाइल को बीच में ही रोकने की बात कही और हूती दावों को खारिज कर दिया।
हूती समर्थित मीडिया ने दहरान में अरामको केंद्रों और रियाद की एक रिफाइनरी पर भी हमले करने का दावा किया है। दूसरी ओर, हूती नेतृत्व ने 15 अक्टूबर को किसी भी तरह के हमले से इनकार किया है।
सऊदी सिविल डिफेंस ने पहले बताया था कि मिसाइलों के मलबे की वजह से रियाद में चार लोग घायल हुए और 15 घरों को नुकसान पहुंचा। गठबंधन ने कहा है कि उसने हूती क्षमताओं को खत्म करने के लिए एक विशेष सैन्य अभियान चलाया है, क्योंकि हूती नागरिक बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल युद्ध के लिए कर रहे हैं।