यमन के ताइज़ में हूती विद्रोहियों के हमलों में 11 नागरिकों की मौत और 53 लोग घायल हुए
यमन के ताइज़ में हूती विद्रोहियों की गोलाबारी और स्नाइपर हमलों में 11 नागरिक मारे गए और 53 घायल हुए।

ताइज़ (यमन): यमन के ताइज़ प्रांत में हूती विद्रोहियों द्वारा की गई गोलाबारी और स्नाइपर हमलों में पिछले एक हफ्ते के दौरान 11 नागरिकों की जान चली गई है। 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच हुए इन हमलों में 53 लोग घायल भी हुए हैं।
सऊदी अधिकारियों और ताइज़ में घेराबंदी मामलों के कार्यालय के मुताबिक, रिहायशी इलाकों और ग्रामीण गांवों को निशाना बनाकर हिंसा की गई। सबसे हालिया हमलों में दो नागरिक मारे गए और 11 अन्य घायल हुए।
इससे पहले 14 से 20 अक्टूबर के बीच नौ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें छह महिलाएं और तीन पुरुष शामिल थे। उस दौरान 42 लोग घायल हुए थे, जिनमें 12 बच्चे और 12 महिलाएं थीं। घेराबंदी मामलों के कार्यालय ने बताया कि ये मौतें और चोटें आर्टिलरी शेलिंग, ड्रोन हमलों, लैंडमाइन धमाकों और स्नाइपर फायरिंग की वजह से हुई हैं।
इन हमलों का असर कहलान सब्र, अल-अकरौद, सिना और बीर बशा के रिहायशी इलाकों के साथ-साथ अल-मसरख जिले के डब्बा इलाके में देखा गया है। 22 अक्टूबर को स्थानीय अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत हस्तक्षेप करें और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद कराएं।
यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हूती विद्रोहियों द्वारा लगाई गई घेराबंदी हटाने की मांग की है, जिससे 40 लाख से ज्यादा लोगों की आवाजाही रुकी हुई है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन जैसे समूहों ने भोजन, ईंधन और दवाओं की भारी कमी की बात कही है।
HALO ट्रस्ट ने जानकारी दी है कि उसके 30 कर्मचारी इस घेराबंदी में फंसे हुए हैं। इस वजह से लैंडमाइन हटाने और प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने के स्थानीय प्रयासों में दिक्कतें आ रही हैं।