यमन के तइज़ में हूती विद्रोहियों ने रिहायशी इलाकों में की गोलाबारी जिससे दो बच्चों की मौत हो गई
यमन के तइज़ में हूती विद्रोहियों ने रिहायशी इलाकों में गोलाबारी की, जिससे बच्चे मारे गए और लाखों लोग संकट में हैं।

तइज़ (यमन): हूती विद्रोहियों ने तइज़ के पश्चिमी सेक्टर में स्थित ओल्ड एयरपोर्ट इलाके में रहने वाले आम नागरिकों पर गोलाबारी की है। 24 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले ने इलाके में दहशत फैला दी है।
यमन नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम्स के मुताबिक पिछले 24 घंटों में हूती बलों ने इस क्षेत्र में 21 अलग-अलग तरह के उल्लंघन किए हैं। इन हमलों के दौरान रिहायशी इलाकों में करीब 213 गोले दागे गए, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई और तीन अन्य नागरिक घायल हो गए। इसके अलावा चार लोगों का अपहरण भी किया गया है।
तइज़ में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में हूती बलों द्वारा शहर की घेराबंदी किए जाने के बाद से 8 लाख से ज्यादा लोग जरूरी मदद से कट गए हैं। इस घेराबंदी की वजह से दस लाख से अधिक निवासियों को पानी, ईंधन और दवाओं की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमेयर ने बताया कि प्रांत के 42 स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन, दवाओं और ईंधन की गंभीर कमी हो गई है।
इससे पहले 21 अक्टूबर को 28 यमनी मानवाधिकार संगठनों ने संयुक्त रूप से इन हमलों की निंदा की थी। उन्होंने बताया कि 19 और 20 अक्टूबर को हुए हमलों में छह नागरिक मारे गए और 17 घायल हुए। 20 अक्टूबर को साइना इलाके में हुई एक बैलिस्टिक मिसाइल स्ट्राइक में 20 साल की एक महिला की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हुए थे।
यमन के आंतरिक मंत्रालय ने जानकारी दी कि 22 अक्टूबर को अल-नजद गांव में हुई गोलाबारी से एक मस्जिद और एक स्कूल को नुकसान पहुंचा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे समूह मानवीय गलियारे खोलने की मांग कर रहे हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने 23 अक्टूबर को बताया कि सरकारी बलों ने जवाबी कार्रवाई की है। उनके मुताबिक इस ऑपरेशन में 620 हूती लड़ाकों को ढेर किया गया और 190 वाहनों को नष्ट किया गया है।