यमन के तइज़ शहर में हूती नाकेबंदी से गहराया मानवीय संकट और दवाओं व भोजन की भारी कमी से लोग बेहाल

यमन के तइज़ शहर में हूती नाकेबंदी के कारण भोजन, ईंधन और दवाओं की भारी कमी हो गई है, जिससे लाखों लोग खतरे में हैं।

Nura Basta22 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन के तइज़ शहर में हूती नाकेबंदी से गहराया मानवीय संकट और दवाओं व भोजन की भारी कमी से लोग बेहाल

तइज़ (यमन): यमन के तइज़ शहर में हूती विद्रोहियों की सख्त नाकेबंदी ने एक गंभीर मानवीय आपातकाल खड़ा कर दिया है। शहर में भोजन, ईंधन और जरूरी दवाओं की भारी किल्लत हो गई है, जिससे आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है।

स्थानीय नाकेबंदी मामलों के कार्यालय ने 22 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि शहर के अस्पतालों में इनक्यूबेटर्स के लिए बिजली और जरूरी मेडिकल सामान नहीं है। इस वजह से शिशुओं और समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने 20 अक्टूबर को बताया कि तइज़ को अदन से जोड़ने वाले मुख्य आपूर्ति मार्ग के बंद होने से नागरिक अधिकारों का बड़ा संकट पैदा हो गया है। राहत कार्यों में जुटे HALO ट्रस्ट और ऑक्सफैम जैसे समूहों ने मौजूदा हालात को संभालना नामुमकिन बताया है।

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ऑक्सफैम के मुताबिक शहर में ताजा भोजन और ईंधन तेजी से खत्म हो रहा है। यूनिसेफ के प्रतिनिधि अखिल अय्यर ने आगाह किया कि डीजल की कमी के कारण 30 लाख लोगों को पानी देने वाली प्रणालियां बंद होने की कगार पर हैं। इसमें 16 लाख बच्चे शामिल हैं और डीजल महंगा होने से पानी के टैंकरों की कीमत तीन गुना बढ़ गई है।

हिंसा का सिलसिला भी जारी है। 21 अक्टूबर को एक रिहायशी इलाके में हूती मिसाइल हमले में दो किशोर लड़कियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए।

एम्नेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं और आटे का स्टॉक तीन हफ्ते से भी कम समय में खत्म हो सकता है, जबकि खाने-पीने की चीजों की कीमतें करीब 50 फीसदी बढ़ चुकी हैं। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने भी पुष्टि की है कि अक्टूबर के मध्य तक आटे का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका था।

यमन में अगस्त की शुरुआत से अब तक 2.60 लाख लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से 1.30 लाख लोगों ने तइज़ गवर्नरट में शरण ली है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक और एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने अपील की है कि फंसे हुए नागरिकों तक मदद पहुंचाने के लिए मुख्य सड़कों को तुरंत खोला जाए।

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