हौथियों का रूसी-ईरानी खुफिया नेटवर्क तबाह, अब अकेले लड़ेंगे जंग

यमन के हौथी विद्रोहियों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है. एक विशेषज्ञ विश्लेषण के अनुसार, हौथियों का प्रभावी कमांड सिस्टम, जो पहले रूस और ईरान के गुप्त सहयोग से चलता था, अब टूट गया है. इस नेटवर्क के खत्म होने से अब हौथी ताकतों को युद्ध के मैदान में बिना बाहरी समर्थन के जूझना पड़ रहा है. यह खुलासा 26 सितंबर, 2026 को अल जज़ीरा इंग्लिश में छपे एक ओपिनियन पीस में किया गया है.
किंग्स कॉलेज लंदन के डिपार्टमेंट ऑफ वॉर स्टडीज के एक वरिष्ठ फेलो और प्रोजेक्ट औरोरा जियोसिग्नल मासइंट सिस्टम (Project AURORAH GeoSignal MASINT System) के संस्थापक, नवाफ ओबैद (Nawaf Obaid) ने यह जानकारी दी है. ओबैद ने बताया कि हौथी पहले एक मिले-जुले रूसी-ईरानी कमांड सिस्टम पर बहुत भरोसा करते थे. इस सिस्टम में रूस की अंतरिक्ष-आधारित भू-स्थानिक खुफिया जानकारी (GEOINT) और सिग्नल इंटेलिजेंस (SIGINT) क्षमताओं को ईरान के नेतृत्व वाले कमांड-एंड-कंट्रोल (C2) नेटवर्क में एकीकृत किया गया था.
इस विश्लेषण के अनुसार, यह बाहरी समर्थन तारीक सालेह (Tariq Saleh) की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस (National Resistance Forces) में मानवीय घुसपैठ के माध्यम से युद्ध के मैदान में फायदा दिलाता था. ओबैद का कहना है कि यह जटिल बाहरी सिस्टम, जिसने हौथियों की प्रभावशीलता को काफी बढ़ा दिया था, अब सीधे हमले के निशाने पर है. इसका सीधा मतलब है कि हौथी अब अकेले और कम प्रभाव के साथ लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे.
क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति अभी भी बहुत अस्थिर बनी हुई है. 26 सितंबर, 2026 को सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की (Maj. Gen. Turki al-Malki) ने इस बात की पुष्टि की कि सऊदी अरब ने ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों द्वारा खमीस मुशैत (Khamis Mushait) शहर की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच हवा में ही रोक दिया था.
इसके अतिरिक्त, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी 26 सितंबर, 2026 को हौथी हमलों की कड़ी निंदा की. जीसीसी ने इन कार्रवाइयों को एक गंभीर वृद्धि और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा बताया है. उन्होंने तुरंत एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की मांग भी की है. यह घटनाक्रम दिखाता है कि इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और हौथियों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है, खासकर जब उनका महत्वपूर्ण कमांड नेटवर्क ध्वस्त हो चुका है.