Red Sea Safe: हूती विद्रोहियों का बड़ा ऐलान, रेड सागर ग्लोबल शिपिंग के लिए पूरी तरह सुरक्षित.

लाल सागर को लेकर हूती समूह ने एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया है, जिससे पूरी दुनिया के शिपिंग सेक्टर में हलचल मच गई है। 10 सितंबर 2026 को हूती ह्यूमैनिटेरियन ऑपरेशंस कोऑर्डिनेटर सेंटर यानी HOCC ने एक आधिकारिक घोषणा जारी की है। इस घोषणा में बताया गया है कि लाल सागर अब दुनिया भर की सभी ग्लोबल शिपिंग कंपनियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि, इस बड़ी राहत के बावजूद समूह ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सऊदी अरब के जहाजों पर लगाया गया पुराना प्रतिबंध आगे भी पूरी तरह से लागू रहेगा और इसमें किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। इस पूरी खबर की पुष्टि हूती समर्थित सबा समाचार एजेंसी द्वारा भी की गई है।
अंतर्राष्ट्रीय नौवहन और रक्षात्मक कदम
हूती प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुल-سلام ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यमन की तरफ से अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने अपने संगठन के सैन्य एक्शन को पूरी तरह से रक्षात्मक उपाय बताया है। उनका यह भी कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई तभी रुकेगी जब यमन पर हो रहे हमलों का सिलसिला बंद होगा और देश से राष्ट्रीय नाकाबंदी को पूरी तरह हटा लिया जाएगा। सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे के अनुसार, सऊदी बंदरगाहों के खिलाफ यह समुद्री प्रतिबंध 20 जुलाई 2026 को शुरू किया गया था। इसे सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले और हवाई नाकाबंदी के जवाब में आंख के बदले आंख की नीति के रूप में लागू किया गया था। इसके बाद से 26 जुलाई 2026 से हूती लड़ाकों ने जहाजों का वर्गीकरण करने, उन्हें चेतावनी जारी करने और सुरक्षित मार्ग को विनियमित करने की अपनी क्षमता का दायरा काफी बढ़ा लिया है।
हिंसा में तेजी और मोखा पर कब्जा
एक तरफ जहां वैश्विक शिपिंग को सुरक्षित करने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय संघर्ष में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। 10 सितंबर 2026 को हूती लड़ाकों ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोखा और जुकर द्वीप पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। सबा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ताइज़, होदेइदा, अल-जौफ और मारिब गवर्नर में सऊदी नीत गठबंधन द्वारा लगभग 40 हवाई हमले किए गए। गठबंधन सेना ने विशेष रूप से अल-सलीफ, अल-तुहैता और कमरान द्वीप को अपने निशाने पर लिया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पिछले हफ्ते से शुरू हुए इस हूती आक्रामक अभियान के बाद से अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर लड़ाके शामिल हैं। इसके अलावा इस संघर्ष की वजह से लगभग 20,000 आम नागरिकों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है।
गठबंधन के दावे और कतर में राजदूत का बयान
इससे पहले 9 सितंबर 2026 को सऊदी नीत गठबंधन ने खमीस मुशायट और आभा शहर पर हूती बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की थी। वहीं सऊदी सरकारी टेलीविजन का दावा था कि रियाद को निशाना बनाकर दागी गई एक मिसाइल को हवा में ही सफलता पूर्वक रोक लिया गया। कतर में यमन के राजदूत राजेह बादी ने हूती विद्रोहियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे नागरिक बुनियादी ढांचे और जहाजों को निशाना बनाकर सऊदी अरब को एक बड़े संघर्ष में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लाल सागर के शिपिंग लेन पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के लिए इस नए संघर्ष को परदे के पीछे से ईरान द्वारा संचालित किया जा रहा है।