सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, ताइफ में यमनी नागरिक की मौत और कई इमारतों को नुकसान

सऊदी अरब के ताइफ गवर्नरट में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां 17 सितंबर 2026 को एक ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से एक यमनी नागरिक की मौत हो गई। इस खतरनाक हमले में एक सऊदी नागरिक और एक पाकिस्तानी नागरिक भी बुरी तरह घायल हो गए हैं, जिनमें से पाकिस्तानी नागरिक की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। इस अचानक हुए हमले की वजह से आसपास की कई इमारतों और गाड़ियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय लोगों के मन में डर का माहौल पैदा हो गया है।
सऊदी प्रशासन का ईरान समर्थित मिलिशिया पर आरोप
सऊदी अरब के अधिकारियों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर ईरान समर्थित हूती मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों का कहना है कि यह ड्रोन हमला बिना किसी उकसावे के किया गया था जिसका मकसद आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाना था। इससे पहले गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने जानकारी दी थी कि सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने 15 सितंबर 2026 की शाम को मक्का के दक्षिण में एक और हूती ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया था, ताकि वह प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल न हो सके। सऊदी सरकार ने मक्का को निशाना बनाने के इस प्रयास को एक रेड लाइन पार करने जैसा गंभीर अपराध करार दिया है।
हूती और ईरान का पक्ष
दूसरी तरफ हूती नेता अब्देल-मलिक अल-हूती ने मक्का को निशाना बनाए जाने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सरासर झूठ और प्रोपेगैंडा बताया है। वहीं हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेे ने दावा किया है कि उनकी सैन्य कार्रवाई सिर्फ फौजी ठिकानों और तेल से जुड़ी जगहों तक ही सीमित है। इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने पवित्र स्थलों पर होने वाले हमलों की निंदा की है, लेकिन साथ ही ड्रोन की असलियत पर सवाल उठाते हुए इसे किसी तरह का फॉल्स-फ्लैग ऑपरेशन होने की आशंका भी जताई है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के विदेश मंत्रालय ने भी मक्का पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन माना है।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य संघर्ष
इस पूरे इलाके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है क्योंकि हूती लड़ाके लगातार सऊदी अरब के अलग-अलग शहरों जैसे कि यानबू, खमीस मुशायट, आभा और ताइफ को अपना निशाना बना रहे हैं। हूती प्रवक्ता याह्या सारे ने यह भी दावा किया कि खमीस मुशायट एयरबेस से उड़ान भरने वाले सऊदी F-15 लड़ाकू विमानों ने पिछले 24 घंटों के दौरान ताइज़, मारिब और होदेइदाह में करीब 40 हवाई हमले किए। हूती समर्थित मीडिया के मुताबिक इन जवाबी हमलों में आब्स और ताइज़ में कई आम नागरिकों के हताहत होने की खबर है और वहां के टेलीकॉम नेटवर्क को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा 16 सितंबर 2026 को हूतियों ने यह दावा भी किया था कि उन्होंने मारिब के ऊपर सऊदी अरब का एक F-15 विमान मार गिराया है, हालांकि रियाद की तरफ से इस विमान के खोने या क्रैश होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ओमान में ईरान और खाड़ी देशों के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठकों और कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद लाल सागर के समुद्री रास्तों पर कब्जे को लेकर चल रही इस सैन्य तनातनी की वजह से हालात अभी भी पूरी तरह तनावपूर्ण बने हुए हैं।