हूती बलों ने 48 घंटों में 51 फील्ड अधिकारियों का किया अंतिम संस्कार
यमन में संघर्ष तेज होने से 51 हूती फील्ड अधिकारियों की मौत हुई है। सऊदी अरब और हूती बलों के बीच हमले और जवाबी हमले जारी हैं।

यमन: हूती आंदोलन (अंसार अल्लाह) ने पिछले 48 घंटों के भीतर अपने 51 फील्ड अधिकारियों के जनाजे निकाले हैं। 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, ये अंतिम संस्कार यमन में जारी भीषण संघर्ष की तीव्रता को दर्शाते हैं।
सैन्य स्थिति पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण हो गई है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने 30 अक्टूबर को सऊदी बुनियादी ढांचे पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली।
सारेआ के मुताबिक, इन हमलों में रस तनूरा रिफाइनरी, अबकाइक में सऊदी अरामको की सुविधाएं, राबिघ रिफाइनरी और रियाद व दम्माम के हवाई अड्डे शामिल थे। उन्होंने नजरान में एक सऊदी सैन्य कमांड सेंटर को निशाना बनाने का दावा करते हुए कहा कि वहां दुश्मन अधिकारियों और सैनिकों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं।
दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि 29 अक्टूबर को रियाद की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया। इसके अलावा 30 अक्टूबर को मक्का क्षेत्र की ओर भेजे गए एक ड्रोन को भी नाकाम कर दिया गया।
इस साल की शुरुआत में पुराने युद्धविराम के खत्म होने के बाद से नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ी है। सबा समाचार एजेंसी के जरिए हूती नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 29 अक्टूबर को तइज़ प्रांत के मकबाना जिले के एक रिहायशी इलाके में सऊदी हवाई हमले में 12 लोग मारे गए और तीन गंभीर रूप से घायल हुए।
इससे पहले 28 अक्टूबर को एक पेट्रोल पंप और बाजार पर हुए हमलों में कम से कम 14 लोगों की जान गई थी। अक्टूबर महीने में हूती नेतृत्व को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
महीने की शुरुआत में एक ट्रेनिंग कैंप पर हमले में मारे गए 73 से 75 रंगरूटों का जनाजा निकाला गया था। वहीं 23 अक्टूबर को एक कथित इजरायली हमले में प्रधानमंत्री समेत 12 वरिष्ठ हस्तियों की मौत के बाद हजारों लोगों ने शोक जताया था।
संयुक्त राष्ट्र ने जानकारी दी है कि गर्मियों के युद्धविराम के टूटने के बाद से यमन में अब तक 1,600 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और 2,75,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।