यमन में फिर भड़की हिंसा, हूथी बलों ने जुकर द्वीप पर दागी दो बैलिस्टिक मिसाइलें

लाल सागर के रणनीतिक इलाके में क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर से काफी ज्यादा बढ़ गया है। 10 सितंबर 2026 को हूथी बलों ने Zuqar Island पर एक बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। इस हमले के दौरान द्वीप को निशाना बनाते हुए कुल दो प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिसकी पुष्टि सऊदी न्यूज रिपोर्ट्स द्वारा की गई है। इस ताज़ा घटना से पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं और वहां रह रहे आम लोगों के साथ-साथ प्रवासियों में भी डर का माहौल बन गया है।
लाल सागर में लगातार बढ़ रही हैं समुद्री धमकियां
यह खतरनाक हमला लाल सागर में हाल ही में सामने आए कई समुद्री खतरों और हमलों के सिलसिले की अगली कड़ी है। इससे पहले 4 सितंबर 2026 को यमन की सरकारी सेना ने जुकर और हानिश आइलैंड्स के पास विस्फोटक से भरी चार हूथी नावों को बीच में ही रोक दिया था। ठीक इसी तरह की घटनाएं 1 सितंबर और 2 सितंबर को भी देखने को मिली थीं, जब सुरक्षा बलों ने लगातार ऐसी ही नापाक कोशिशों को नाकाम किया था।
इसके अलावा 3 सितंबर 2026 को जनरल तारिक की सेना ने पांच हूथी स्पीडबोट्स के हमले को भी पूरी तरह खदेड़ दिया था, जो जुकर द्वीप पर उतरने की कोशिश कर रहे थे। उसी दौरान हूथी लड़ाकों ने इब्न और ताइज के इलाकों से हानिश द्वीप के पास बने ठिकानों पर कम से कम छह फतेह-110 बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी थीं। इन लगातार हो रही गोलाबारी और हमलों से साफ है कि यह क्षेत्र इस समय युद्ध का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
जुकर द्वीप पर सुरक्षा और सामरिक गतिविधियां
मौजूदा समय में जुकर द्वीप पर यमन सरकार की सेना का पूरा नियंत्रण बना हुआ है। इस सामरिक रूप से बेहद अहम द्वीप पर एक एयरस्ट्रिप भी मौजूद है, जिसके बारे में जानकारी मिली है कि उसका निर्माण यूएई की फंडिंग से किया जा रहा है। जुलाई 2026 में चार साल से चल रहे संघर्ष विराम के टूटने के बाद से यह इलाका एक बार फिर से भीषण संघर्ष की चपेट में आ गया है।
द्वीप पर किए गए इन हमलों के अलावा सितंबर महीने की शुरुआत से ही हूथी बलों ने कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से सऊदी अरब के प्रमुख शहरों जैसे कि Abha, Khamis Mushait, Jazan और Najran में आम नागरिकों की संपत्तियों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इन लगातार हमलों के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ रहा है।