हूती बलों ने हैजत अल-अब्द हाईवे पर हमला कर ताइज-अदन सप्लाई रूट का रास्ता काटा जिससे शहर की घेराबंदी और बढ़ गई

ताइज (यमन): हूती बलों ने हैजत अल-अब्द हाईवे पर हमला कर ताइज-अदन मुख्य सड़क के रास्ते को बंद कर दिया है। इस कार्रवाई से ताइज शहर की घेराबंदी और सख्त हो गई है, जिससे सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाने वाले लॉजिस्टिक्स रूट पूरी तरह बाधित हो गए हैं।
18 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना ने क्षेत्र में जारी संघर्ष को और बढ़ा दिया है। इस समय इलाके में सैन्य गतिविधियां काफी तेज हैं। इससे पहले 17 अक्टूबर को यमनी सेना ने दावा किया था कि ताइज के दक्षिण में एक नाकाम हमले के दौरान 16 हूती लड़ाके मारे गए हैं।
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने पिछले 24 घंटों में यमन के विभिन्न प्रांतों में 53 हवाई हमले किए हैं।
रास्ते बंद होने से मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने 16 अक्टूबर को बताया कि संघर्ष की ताजा लहर के कारण 2,33,077 लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से 1,21,530 लोग अकेले ताइज में रह रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चिकित्सा संसाधनों की कमी पर चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक शहर के 12 अस्पतालों के पास केवल चार दिनों का ईंधन बचा है, जबकि सप्लाई रूट बंद होने से ऑक्सीजन और दवाओं की भारी किल्लत हो गई है। यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने स्वास्थ्य और मानवीय आपदा की चेतावनी जारी की है।
सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मिस्र की संसद 18 अक्टूबर 2026 को एक आपातकालीन सत्र आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में सऊदी अरब को संभावित सैन्य सहायता देने पर चर्चा होगी। यह कदम मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी द्वारा क्षेत्र में सऊदी सुरक्षा हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता के बाद उठाया गया है।