ताएज़ में हुथी बलों का भीषण हमला, रिहायशी इलाकों पर बरसी मिसाइलें

Gautam Sahu30 September 20262 min read0 viewsWorld
ताएज़ में हुथी बलों का भीषण हमला, रिहायशी इलाकों पर बरसी मिसाइलें

यमन के ताएज़ प्रांत में सैन्य तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया है। हुथी बलों ने उत्तरी ताएज़ के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए भारी गोलाबारी शुरू कर दी है। इस हमले में न केवल नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ गई है।

नागरिक इलाकों को बनाया गया निशाना

ताएज़ मानवाधिकार केंद्र (THRC) की रिपोर्ट के अनुसार, अल-मुधाफर जिले के अल-नूर और अल-थलाथीन मोहल्लों में मोर्टार हमलों के जरिए भारी तबाही मचाई गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर एक सुनियोजित हमला करार दिया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

ताएज़ के दक्षिण में स्थित अल-तुर्बाह में स्थिति और भी भयावह है। वहां हुथी बलों द्वारा दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक एक निर्माणाधीन 'मदरहुड एंड चाइल्डहुड हॉस्पिटल' के पास गिरी, जिससे अस्पताल के भविष्य के कार्यों और वहां के आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई है।

यमन सरकार की जवाबी कार्रवाई और सैन्य स्थिति

हुथी हमलों के जवाब में यमन की सशस्त्र सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजीली ने बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर हुथी सैन्य संपत्तियों और उनके सुदृढीकरण को रोकने के लिए 414 सटीक लक्षित ऑपरेशन चलाए गए हैं।

ताएज़ सैन्य अक्ष कमांड और कंट्रोल सेंटर के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल हाफिज अल-जबली ने स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा:

"हुथी ठिकानों पर हमारे हवाई हमले सामरिक रूप से प्रभावी हैं, लेकिन संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ये अभी पर्याप्त नहीं हैं।"

सरकारी सेनाओं ने ताएज़ के पूर्व में स्थित रिसेप्शन कैंप और इंजीनियर्स कॉर्प्स साइट पर भी पांच हवाई हमले किए हैं।

बढ़ता मानवीय संकट और विस्थापन

इस सैन्य वृद्धि ने यमन में एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र (UN), यूनिसेफ और यूएनएचसीआर (UNHCR) ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हिंसा के कारण हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

  • विस्थापन: हालिया संघर्ष के कारण 3,000 से अधिक यमनी नागरिक जिबूती की ओर पलायन कर चुके हैं।
  • रिकॉर्ड स्तर: विस्थापन की यह दर 2015 के बाद से अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
  • अनिवार्य प्रशिक्षण: ऐसी भी खबरें हैं कि हुथी बल सना और ताएज़ में स्वच्छता कर्मचारियों को जबरन सैन्य प्रशिक्षण लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस मामले में हस्तक्षेप और मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच करने की मांग कर रहा है ताकि मासूम नागरिकों को इस विनाशकारी युद्ध से बचाया जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment