यमन में हूती संघर्ष तेज़, 13 लड़ाकों के जनाज़े हुए

यमन: हूती मिलिशिया ने 10 अक्टूबर 2026 को अपने 13 सदस्यों और अधिकारियों के अंतिम संस्कार किए। इनमें कुछ ऐसे लोग भी थे जिनके सैन्य पद फर्जी तौर पर बढ़ाकर बताए गए थे। यह ऐसे वक्त में हुआ है जब यमन और सऊदी अरब के बीच हालात तेज़ी से बिगड़ते दिख रहे हैं और यमन में हूती संघर्ष अपने सबसे गंभीर दौर में पहुँच गया है।
मिलिशिया की ओर से जारी बयानों में यह नहीं बताया गया कि इन लोगों की मौत कहाँ और किन हालात में हुई। मृतकों की पहचान जिन इलाकों से हुई है, उनमें हज्जा, धमार, हुदैदा, अल-बैदा और सना शामिल हैं।
इसी बीच यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने दावा किया है कि उसने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत 24 घंटों में हूती ठिकानों पर 1,900 से ज़्यादा सैन्य कार्रवाइयाँ कीं। सरकारी सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नुज़ैली के मुताबिक़ इन कार्रवाइयों में 1,150 से ज़्यादा हूती लड़ाके मारे गए और 180 से अधिक सैन्य व रसद वाहन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए। उसी दौरान यमन में सैन्य गठबंधन ने 136 सैन्य ठिकानों को तबाह करने की घोषणा की।
तनाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह रियाद का एक हमला है। हूती मिलिशिया ने 10 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को निशाना बनाने का दावा किया। इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी नागरिक शामिल हैं। 309 लोग घायल हुए, और उनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गठबंधन का कड़ा रुख और संयुक्त राष्ट्र की चिंता
सऊदी अगुवाई वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने इस हमले को