यमन के तइज़ शहर की घेराबंदी से हूती नेता का इनकार, बदतर होते मानवीय हालात से बढ़ी चिंता
हूती नेता ने तइज़ की घेराबंदी से इनकार किया है, जबकि संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर मानवीय संकट की चेतावनी दी है।

तइज़ (यमन): हूती नेता अब्देल-मालिक अल-हूती ने इस बात से इनकार किया है कि उनकी सेना ने तइज़ शहर की घेराबंदी कर रखी है। 29 अक्टूबर 2026 को दिए एक सार्वजनिक बयान में अल-हूती ने दावा किया कि भोजन, दवा और अन्य जरूरी मानवीय सामानों की डिलीवरी के रास्ते खुले हैं। उन्होंने कहा कि यह सुविधा सऊदी अरब से जुड़े समूहों के लिए भी उपलब्ध है और उनकी सेना केवल शहर में हथियारों के प्रवेश पर रोक लगा रही है।
इन दावों के उलट तइज़ में मानवीय स्थिति काफी खराब हो गई है। अगस्त की शुरुआत से यमन भर में 2.81 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से आधे से अधिक ने तइज़ प्रांत में शरण ली है। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) के मुताबिक, संघर्ष की वजह से ईंधन, भोजन, पानी, दवा और कुकिंग गैस की भारी कमी हो गई है।
तइज़ शहर में पानी का उत्पादन आधा रह गया है। मुख्य सड़कों को हुए नुकसान के कारण सहायता सामग्री अब संकरी और धीमी पहाड़ी रास्तों से पहुंचाई जा रही है। यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य संकट की चेतावनी देते हुए बताया कि 2.46 लाख से ज्यादा लोग बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो गए हैं। इनमें 1.86 लाख पांच साल से कम उम्र के बच्चे और करीब 23 हजार गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से ऑक्सीजन, मेडिकल सप्लाई और ईंधन पहुंचाने में मदद मांगी है।
आंकड़ों के अनुसार, विस्थापित आबादी के 75 प्रतिशत लोगों के पास पर्याप्त छत, साफ पानी या स्वच्छता सुविधाएं नहीं हैं। करीब 35 हजार परिवारों को आश्रय और 2.30 लाख लोगों को आपातकालीन पानी और स्वच्छता सहायता की जरूरत है।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने इस स्थिति को संभावित युद्ध अपराध बताया है। संगठन का आरोप है कि हूती बलों ने अक्टूबर की शुरुआत से शहर को पूरी तरह घेर लिया है और मुख्य आपूर्ति मार्गों को बंद कर दिया है, जिससे भुखमरी को युद्ध के तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हूती फिलहाल मुख्य पानी के कुओं और अदन जाने वाली मुख्य सड़क पर नियंत्रण रखे हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा करने और मानवीय सहायता के लिए बिना किसी बाधा के रास्ता देने की अपील की है। दूसरी ओर, तइज़ प्रांत की दक्षिण-पूर्वी अग्रिम लाइनों पर लड़ाई तेज हो गई है, जहां सरकारी बलों ने हूती हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। स्थानीय अधिकारियों ने हूती बलों पर हालिया हमलों में प्रतिबंधित जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
वहीं, हूती नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पश्चिमी तइज़ में सऊदी हवाई हमले में 12 नागरिक मारे गए हैं। इस बीच तइज़ में स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और घेराबंदी खत्म करने व मुख्य रास्तों को खोलने की मांग कर रहे हैं।